‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित हरियाणा’, यही हमारा संकल्प है: नरेन्द्र मोदी

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल को हरियाणा के यमुनानगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। हरियाणा के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने हरियाणा की पवित्र भूमि को नमन किया और इसे मां सरस्वती का उद्गम, मंत्र देवी का निवास स्थल, पंचमुखी हनुमान जी का स्थान और पवित्र कपाल मोचन साहिब का स्थल बताया। उन्होंने कहा, “हरियाणा संस्कृति, भक्ति और समर्पण का संगम है।”

उन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर की 135वीं जयंती पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और बाबासाहेब के विज़न और प्रेरणा पर प्रकाश डाला, जिससे विकास की दिशा में भारत की यात्रा को मार्गदर्शन मिल रहा है।

यमुनानगर सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि भारत के औद्योगिक परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्लाईवुड से लेकर पीतल और स्टील तक के उद्योगों के साथ अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है

श्री मोदी ने कहा, “यमुनानगर सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि भारत के औद्योगिक परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो प्लाईवुड से लेकर पीतल और स्टील तक के उद्योगों के साथ अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।”

इस बात को रेखांकित करते हुए कि केंद्र और राज्य सरकारों के तीसरे कार्यकाल के तहत हरियाणा लगातार विकास की दोगुनी गति देख रहा है, प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में विकसित हरियाणा के प्रति संकल्प पर जोर दिया।

औद्योगिक विकास ‘सामाजिक न्याय’ का मार्ग

बाबासाहेब अंबेडकर के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर गर्व व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने बाबासाहेब के इस विश्वास पर प्रकाश डाला कि औद्योगिक विकास सामाजिक न्याय का मार्ग होता है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने भारत में खेतों के छोटे रकबे से जुड़े मुद्दे की पहचान की और इस बात पर जोर दिया कि पर्याप्त कृषि भूमि की कमी वाले दलितों को औद्योगीकरण से सबसे अधिक लाभ होगा।

श्री मोदी ने बाबासाहेब के विज़न को साझा किया कि उद्योग दलितों के लिए अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। उन्होंने भारत के औद्योगीकरण प्रयासों में बाबासाहेब की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया, जिन्होंने इस दिशा में प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के साथ मिलकर काम किया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीनबंधु चौधरी छोटू राम जी ने भी औद्योगीकरण और विनिर्माण के बीच तालमेल को ग्रामीण समृद्धि की नींव के रूप में मान्यता दी थी। उन्होंने छोटू राम जी की इस विश्वास को रेखांकित किया कि गांवों में सच्ची समृद्धि तभी आएगी, जब किसान कृषि के साथ-साथ छोटे उद्योगों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाएंगे।

श्री मोदी ने आगे कहा कि चौधरी चरण सिंह जी, जिन्होंने अपना जीवन गांवों और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया, भी इसी तरह का दृष्टिकोण साझा करते थे। उन्होंने चरण सिंह जी के इस दृष्टिकोण पर जोर दिया कि औद्योगिक विकास को कृषि का पूरक होना चाहिए, क्योंकि दोनों ही अर्थव्यवस्था के स्तंभ हैं।

मिशन विनिर्माण

इस बात पर जोर देते हुए कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सार विनिर्माण को बढ़ावा देने में निहित है, श्री मोदी ने विनिर्माण पर सरकार के विशेष ध्यान को रेखांकित किया, जो इस वर्ष के बजट में ‘मिशन विनिर्माण’ की घोषणा से परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा, “मिशन का उद्देश्य दलित, पिछड़े, वंचित और हाशिए के युवाओं के लिए अधिकतम रोजगार के अवसर सृजित करना, उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना, व्यावसायिक लागत कम करना, एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करना, उद्योगों को आधुनिक तकनीक से लैस करना और यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय उत्पाद विश्व स्तरीय हों।”

इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए और आज के आयोजन के महत्व को उजागर करते हुए श्री मोदी ने दीनबंधु चौधरी छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र की तीसरी इकाई पर काम शुरू करने की घोषणा की, जिससे यमुनानगर और हरियाणा को फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को लगभग दोगुना कर लिया है और अब पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात करता है। उन्होंने हरियाणा में बिजली उत्पादन पर उनकी सरकार के विशेष ध्यान के लाभों पर प्रकाश डाला, जो वर्तमान में 16,000 मेगावाट बिजली पैदा करता है। उन्होंने आने वाले वर्षों में इस क्षमता को बढ़ाकर 24,000 मेगावाट करने के लक्ष्य की भी घोषणा की।

ताप विद्युत संयंत्र में निवेश करने और नागरिकों को खुद बिजली उत्पादक बनने के लिए सशक्त बनाने से जुड़े सरकार के दोहरे दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए श्री मोदी ने पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना के शुभारंभ का उल्लेख किया, जिससे लोग अपनी छतों पर सौर पैनल लगा सकते हैं, बिजली बिलों को समाप्त कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में 1.25 करोड़ से अधिक लोगों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जिसमें हरियाणा के लाखों लोगों ने आवेदन किया है।

मुद्रा योजना: 33 लाख करोड़ रुपये के गिरवी-मुक्त ऋण वितरित

प्रधानमंत्री ने छोटे शहरों में छोटे उद्योगों के लिए पर्याप्त बिजली और वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करने पर सरकार के विशेष ध्यान को रेखांकित किया। उन्होंने मुद्रा योजना की 10 साल पूरे होने की उपलब्धि का उल्लेख किया, जिसके तहत 33 लाख करोड़ रुपये के गिरवी-मुक्त ऋण संवितरित किए गए हैं। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना के 50% से अधिक लाभार्थी एससी, एसटी और ओबीसी परिवारों से हैं।

हरियाणा के किसानों की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए, जो हर भारतीय की भोजन की थाली में योगदान देते हैं, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें किसानों की खुशियों और चुनौतियों के दौरान एक दृढ़ भागीदार के रूप में खड़ी हैं। उन्होंने हरियाणा के किसानों को सशक्त बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला, राज्य सरकार अब एमएसपी पर 24 फसलों की खरीद करती है। श्री मोदी ने साझा किया कि हरियाणा के लाखों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना से लाभ हुआ है, इस योजना के तहत 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावे पेश किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने विकास के पथ पर हरियाणा की तीव्र प्रगति को रेखांकित करते हुए हिसार की अपनी पिछली यात्रा का उल्लेख किया, जहां अयोध्या धाम के लिए सीधी उड़ान सेवाओं का उद्घाटन किया गया था। उन्होंने रेवाड़ी के लिए नए बाईपास की भी घोषणा की, जिससे बाजारों, चौराहों और रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात की भीड़ कम होगी और वाहन आसानी से शहर से होकर गुजर सकेंगे। श्री मोदी ने कहा कि चार लेन वाला बाईपास दिल्ली और नारनौल के बीच यात्रा अवधि को एक घंटे कम कर देगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए लोगों को बधाई दी।

इस बात पर जोर देते हुए कि उनके लिए राजनीति सेवा का माध्यम है – लोगों और राष्ट्र की सेवा; श्री मोदी ने कहा, “हमारी पार्टी अपने वादों को पूरा करती है, जैसाकि हरियाणा में स्पष्ट है, जहां सरकार तीसरे कार्यकाल के लिए चुने जाने के बाद अपने वादों को पूरा कर रही है।”

प्रधानमंत्री ने हिसार हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन की रखी आधारशिला

हवाई यात्रा को सभी के लिए सुरक्षित, किफायती और सुलभ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल को हरियाणा के हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी, जिस पर 410 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा, “आज पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि आज संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती है।”

श्री मोदी ने अपने वादे को दोहराते हुए कि हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई जहाज में उड़ेंगे, जो सपना अब पूरे देश में साकार हो रहा है, इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले 10 वर्षों में लाखों भारतीयों ने पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि नए हवाई अड्डे उन क्षेत्रों में भी बनाए गए हैं जहां पहले उचित रेलवे स्टेशन नहीं थे। श्री मोदी ने बताया कि 2014 से पहले भारत में 74 हवाई अड्डे थे, यह संख्या 70 वर्षों में हासिल हुई जबकि आज हवाई अड्डों की संख्या 150 से अधिक हो गई है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उड़ान योजना के तहत लगभग 90 हवाई अड्डों को जोड़ा गया है, जिसमें 600 से अधिक मार्ग चालू हैं, जिससे कई लोगों के लिए सस्ती हवाई यात्रा संभव हो गई है। श्री मोदी ने कहा, “हिसार हवाई अड्डा हरियाणा के युवाओं की आकांक्षाओं को बढ़ाएगा तथा उन्हें नए अवसर और सपने प्रदान करेगा।”