भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हुई व्यापक चर्चा

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प्रधानमंत्री की साइप्रस यात्रा

   प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15-16 जून, 2025 को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा की। प्रधानमंत्री श्री मोदी की यह यात्रा पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति श्री निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की, जो साइप्रस और भारत के बीच बढ़ते व्यापक सहयोग को दर्शाती है। उन्होंने आर्थिक, तकनीकी और जन-जन के बीच संबंधों में हाल की प्रगति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने शांति, लोकतंत्र, कानून के शासन, प्रभावी बहुपक्षवाद और सतत विकास के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।

सुरक्षा, रक्षा और संकट के समय सहयोग

साइप्रस और भारत ने अंतरराष्ट्रीय और सीमापार आतंकवाद सहित सभी रूपों और प्रतिरूपों में आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की मुक्त स्वर में निंदा की और शांति एवं स्थिरता को कमजोर करने वाले हाइब्रिड खतरों का मुकाबला करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

साइप्रस ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के प्रति एकजुटता और अटूट समर्थन व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने हाल ही में भारत के जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमलों में नागरिकों की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

यूरोपीय संघ: भारत की रणनीतिक भागीदारी

2026 की शुरुआत में साइप्रस द्वारा यूरोपीय संघ की परिषद् की अध्यक्षता किए जाने की संभावना को देखते हुए दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ-भारत संबंधों को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। साइप्रस ने अध्यक्षता के दौरान यूरोपीय संघ और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।

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कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा संस्कृति के क्षेत्र में चार समझौता ज्ञापनों पर हुए हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री की क्रोएशिया यात्रा

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जून को क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री आंद्रेज प्लेंकोविच से ज़गरेब में मुलाकात की। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह क्रोएशिया की पहली यात्रा थी और इसलिए यह भारत-क्रोएशिया संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। जगरेब हवाई अड्डे पर श्री मोदी का श्री प्लेंकोविच ने एक विशेष और गर्मजोशी भरे अंदाज में स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। उन्होंने व्यापार और निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की। दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि बुनियादी ढांचे, बंदरगाहों और शिपिंग, डिजिटलीकरण, एआई, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मा और पर्यटन और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के महत्वपूर्ण अवसर हैं।

नेताओं ने स्टार्ट-अप और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी की हाल में की गई पहलों पर ध्यान दिया। उन्होंने दोनों देशों में समावेशी और स्‍थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक व्यापार-से-व्यापार सहयोग को प्रोत्साहित करने और निवेश साझेदारी और संयुक्त उद्यमों को सुविधाजनक बनाने की आवश्यकता को पहचाना। वे भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे के माध्यम से कनेक्टिविटी में सुधार के महत्व पर सहमत हुए। क्रोएशिया मध्य और दक्षिण-पूर्वी यूरोप में भारत के प्रवेश द्वार के रूप में काम कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को क्रोएशिया द्वारा दिए गए मजबूत समर्थन और एकजुटता के लिए प्रधानमंत्री श्री प्लेनकोविक को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ के रणनीतिक संबंधों के गहराने पर संतोष व्यक्त किया और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र समापन के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया।

वार्ता के बाद कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा संस्कृति के क्षेत्र में चार समझौता ज्ञापनों तथा हिंदी चेयर के नवीनीकरण पर हस्ताक्षर किए गए।