भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का केरल प्रवास
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 1 सितंबर, 2024 को केरल के पलक्कड़ में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों का उल्लेख किया। श्री नड्डा ने भ्रष्टाचार में संलिप्तता को लेकर कांग्रेस, एलडीएफ और यूडीएफ पर जमकर निशाना साधा।
श्री नड्डा ने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में पलक्कड़ में भारतीय जनता पार्टी का वोट प्रतिशत 15% था, 2019 में यह बढ़कर 21.3% हुआ और 2024 में यह 24.3% रहा। श्री नड्डा ने कहा कि भाजपा उम्मीद करती है कि आने वाले समय में लोगों का समर्थन पार्टी के लिए और बढ़ेगा। केरल के लोगों के योगदान से 2015 में पहली बार पलक्कड़ नगर निगम में भाजपा ने जीत दर्ज की और 2020 में 52 सीटों में से 28 सीटें भाजपा ने जीतीं।
उन्होंने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ ने केरल की संस्कृति को नष्ट कर दिया है, ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पहले जो केरल शांति, विकास और शिक्षा के लिए जाना जाता था, आज वह हिंसा
मुख्य बिंदु
• प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विकास एजेंडा सिर्फ़ शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि इन कार्यों में भी झलकता है। 2014 से केरल काे कर हस्तांतरण तीन गुना बढ़ गया है। केरल के लिए अनुदान 2014 में लगभग ₹25,629 करोड़ से बढ़कर 2024 में ₹1,40,000 करोड़ हो गया है।
• केरल सरकार को जस्टिस हेमा की रिपोर्ट जारी करने से कौन रोक रहा है? इस मामले में मुख्यमंत्री की पार्टी शामिल है, इसलिए राज्य सरकार रिपोर्ट को जारी नहीं कर रही है।
• पलक्कड़ में भाजपा के वोट शेयर में वृद्धि हुई है, भाजपा को 2014 में 15% वोट मिले थे, जो बढ़कर 2019 में 21.3% और 2024 में 24.3% तक पहुंच गया है।
• एलडीएफ और यूडीएफ ने केरल की संस्कृति को नष्ट कर दिया है; वे एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। केरल, जो कभी शांति, विकास और शिक्षा के लिए जाना जाता था, अब हिंसा और भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो गया है।
• कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी केंद्र में सहयोगी हैं, लेकिन केरल में दुश्मन हैं। दोनों ही पार्टियां और उनका गठबंधन वैचारिक रूप से दिवालिया हैं। यह लोग सिर्फ़ सत्ता के लिए साथ हैं।
और भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो गया है। लोन स्कैम और कोऑपरेटिव स्कैम जैसे भ्रष्टाचारों में शामिल केरल के भ्रष्ट नेताओं ने अपनी नैतिक विश्वसनीयता खो दी है। गोल्ड स्कैम में संलिप्त रहे मुख्यमंत्री के कई करीबी सहयोगी जेल की सजा काट चुके हैं, फिर भी मुख्यमंत्री को कोई पछतावा नहीं है। मुख्यमंत्री ने राज्य को शासन करने की नैतिक सत्ता खो दी है। कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी केंद्र में सहयोगी हैं, लेकिन केरल में दुश्मन हैं। दोनों पार्टियां और उनका गठबंधन वैचारिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं। ये केवल सत्ता के लिए एक साथ हैं, क्योंकि ये बिना सत्ता के रह ही नहीं सकते।
श्री नड्डा ने केरल सरकार की आलोचना करते हुए प्रश्न किया कि आखिर उन्हें हेमा समिति की रिपोर्ट जारी करने से कौन रोक रहा है? रिपोर्ट जारी न करने का कारण यह है कि इस मामले में मुख्यमंत्री की पार्टी शामिल है। इसी संलिप्तता के कारण यह रिपोर्ट छिपाई जा रही है, क्योंकि उनके अपने लोग इसमें शामिल हैं। मोदी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम करती है और सभी मेहनती कार्यकर्ताओं के समर्थन से केरल में भी ‘कमल’ खिलेगा। हेमा समिति की रिपोर्ट में विशेष रूप से कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं की संलिप्तता का उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री को सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ? जब वायनाड में आपदा की स्थिति बेहद गंभीर थी, तब प्रधानमंत्रीजी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पीड़ितों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को समय पर सूचित किया गया था और एनडीआरएफ भी निर्धारित समय पर पहुंच गई थी, प्रश्न यह है कि मुख्यमंत्री विजयन ने इस स्थिति के प्रति इतनी उदासीनता क्यों दिखाई? भारतीय मौसम विभाग ने समय से आपदा को लेकर केरल को चेतावनी भेजी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसपर त्वरित कार्रवाई नहीं की।

