कार्यकर्ता सम्मेलन, पलौरा, जम्मू
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री अमित शाह ने 7 सितंबर, 2024 को जम्मू के पलौरा में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के भ्रष्टाचार, विकास विरोधी और आतंकी समर्थक राजनीति की जमकर आलोचना की और एनडीए सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया। श्री शाह ने कहा कि राहुल गांधी कितना भी दम लगा लें, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के लोगों के आरक्षण और महिलाओं को मिले अधिकारों को किसी को भी छीनने नहीं देगी। कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुघ, जम्मू-कश्मीर चुनाव प्रभारी श्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद श्री जुगल किशोर सहित पार्टी के जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए भाजपा के प्रत्याशी उपस्थित रहे।
श्री शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव एक ऐतिहासिक चुनाव है, जहां जम्मू और कश्मीर के मतदाता दो झंडों के नीचे नहीं, बल्कि एक तिरंगे के नीचे अपना मतदान करेंगे। पहली बार 2 संविधान नहीं, बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए हुए संविधान के नीचे जम्मू और कश्मीर में वोटिंग होने जा रही है। पहली बार जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री नहीं चुना जाएगा। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हैं, जिन्हें कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लोगों ने चुना है।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव पहली बार धारा 370 की परछाई से बाहर होकर लड़ा जा रहा है और इसका चमत्कार लोकसभा चुनाव में भी देखा गया। पहले की सरकारें कश्मीर घाटी में 10% मतदान पर भी खुशियां मनाती थीं, मगर 2024 के लोकसभा चुनाव में कश्मीर घाटी में रिकॉर्ड 58.46% मतदान हुआ। भारतीय जनता पार्टी जम्मू-कश्मीर का आगामी विधानसभा चुनाव जोरदार तरीके से लड़ेगी और बहुमत से सरकार भी बनाएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के विभाजनकारी एजेंडे को उजागर करना है। जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस फिर से अलग झंडा लाने वाले हैं। कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस फिर से धारा 370 लाना चाहते हैं, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गुर्जर, बकरवाल, पहाड़ी, ओबीसी और दलित का आरक्षण छीनना चाहते है।
श्री शाह ने कहा कि कई वर्षों बाद अमरनाथ यात्रा भयमुक्त गई, 5 लाख लोग दर्शन करके आए, कई वर्षों बाद घाटी में रात में थियेटर शुरू हुआ, ताजिया का जुलूस निकला और जम्मू व कश्मीर की कई यात्राएं निर्विरोध समाप्त हुईं। अगर उन तीनों परिवारों में से कोई सरकार में आया तो आतंकवाद भी
मुख्य बिंदु
• शांतिपूर्ण, सुरक्षित, विकसित और समृद्ध जम्मू-कश्मीर का निर्माण, भाजपा का संकल्प।
• गुर्जर, पहाड़ी, बकरवाल, ओबीसी व दलितों को मिले आरक्षण को नेशनल कॉन्फ्रेंस व कांग्रेस छीनना चाहती है, केवल भाजपा ही इसे बचा सकती है।
• कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी आतंकवाद के सामने आंखें बंद करके बैठी रहती थी।
• कांग्रेस व नेशनल कांफ्रेंस जम्मू-कश्मीर में फिर से धारा 370 और अलग झंडा लाना चाहती है।
आएगा। जम्मू और कश्मीर के लोगों को यह तय करना है कि उन्हें आतंकवाद चाहिए या चैन, शांति और विकास चाहिए। एनसी आई तो आतंकवाद आएगा और भाजपा आई तो किसी की ताकत नहीं है कि जम्मू और कश्मीर में आतंक फैला सके। जिन पंचायत चुनावों को तीन परिवार रोक कर बैठे थे, उन्हे भाजपा ने सफलतापूर्वक कराया। भाजपा ने अकेले जम्मू में 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकास कार्य किए हैं। जम्मू और कश्मीर को आईआईटी और आईआईएम देने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। कई सारे कॉलेज बनाए गए, लगभग 25,200 करोड़ रुपये की लागत से राज्य में विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स का निर्माण किया गया है। ढेर सारे बिजली उत्पादन संयंत्र राज्य में स्थापित किए गए हैं जो आने वाले समय में जम्मू को सरप्लस बिजली बजट वाला राज्य बनाएंगे।
श्री शाह ने भाजपा के कार्यकर्ताओं से मतदान की तिथि तक लोगों को कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के फिर से जम्मू-कश्मीर को बदहाली और आतंक में धकेलने के एजेंडे के बारे में आगाह करने को कहा और प्रदेश में विकास की बयार को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रत्याशियों को जिताने और प्रचंड बहुमत से भाजपा सरकार बनाने की अपील की।

