केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 17 दिसंबर, 2024 को संविधान की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राज्यसभा में आयोजित चर्चा में भाग लिया। इस दौरान श्री शाह ने सामाजिक न्याय को मजबूत करने और हाशिए पर पड़े समुदायों को सशक्त बनाने के लिए मोदी सरकार के विभिन्न संवैधानिक संशोधनों को रेखांकित किया।
हम यहां अपने सुधी पाठकों के लिए श्री शाह के भाषण का सारांश प्रकाशित कर रहे हैं:
चर्चा का जवाब देते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि ये चर्चा एक ओर जनता को ये अहसास कराएगी कि संविधान के कारण हमारा देश कितना आगे बढ़ा और दूसरी ओर संविधान की मूल भावना के कारण ही 75 साल में लोकतंत्र की जड़ें गहरी होने का अहसास भी कराएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ये भी अहसास होता है कि जब संविधान की भावनाओं के साथ कोई छेड़छाड़ का प्रयास करता है तो किस प्रकार की घटनाएं होती हैं। श्री शाह ने कहा कि संविधान पर दोनों सदनों में हुई चर्चा हमारे किशोरों और युवा पीढ़ी के साथ-साथ संसद में बैठकर देश के भविष्य का निर्णय करने वालों के लिए शिक्षाप्रद साबित होगी।
श्री अमित शाह ने कहा कि हमारा संविधान, संविधान सभा और संविधान की रचना की प्रक्रिया दुनिया के सभी संविधानों में अनूठी है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां दुनिया का सबसे ज़्यादा विस्तृत और लिखित संविधान, चर्चा के हमारे पारंपरिक लक्षणों के साथ बनाया गया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमारे संविधान में भगवान राम, बुद्ध और महावीर, दसवें गुरू गोविंद सिंह के भी चित्र मिलेंगे। इसके साथ-साथ गुरुकुल के माध्यम से हमारी शिक्षा नीति कैसी होनी चाहिए, इसका संदेश भी मिलता है। इसी प्रकार, भगवान श्री राम, सीता और लक्ष्मण को एक प्रकार से हमारे अधिकारों का चित्रण करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि भगवत गीता के संदेश के चित्र, शिवाजी महाराज और लक्ष्मीबाई को भी संविधान में स्थान देकर देशभक्ति का पाठ हमें सिखाया गया है।
विपक्षी पार्टी ने 55 साल के अपने शासन में 77 संविधान परिवर्तन किए
श्री शाह ने कहा कि हमारे संविधान को कभी भी अपरिवर्तनशील नहीं माना गया है और समय के साथ देश, कानून और समाज को बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के अंदर ही अनुच्छेद 368 में संविधान संशोधन के लिए प्रावधान किया गया है। श्री शाह ने कहा कि हमारी पार्टी ने 16 साल राज किया, 6 साल अटल जी ने, 10 साल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया और 5 साल और प्रधानमंत्री मोदी जी करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 22 बार संविधान में परिवर्तन किए। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ने 55 साल के अपने शासन में 77 संविधान परिवर्तन किए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पहला संशोधन 18 जून, 1951 को हुआ जिसे संविधान सभा ने ही किया। उन्होंने कहा कि इस संशोधन में 19ए को जोड़ा गया, इसका उद्देश्य क्या था और इसे किस लिए जोड़ा गया? श्री शाह ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी को curtail करने लिए किया गया।
उन्होंने कहा कि ये संशोधन किसने किया, उस वक्त प्रधानमंत्री कौन थे। उन्होंने कहा कि पहला संविधान संशोधन अभिव्यक्ति की आजादी को रोकने के लिए लाया गया था और इसे जवाहरलाल नेहरू के लिए लाया गया था।
श्री शाह ने कहा कि 24वां संविधान संशोधन इंदिरा गांधी जी की पार्टी 5 नवंबर, 1971 को लाई थी। उन्होंने कहा कि 24वें संशोधन के माध्यम से संसद को नागरिकों के मौलिक अधिकार कम करने का अधिकार दे दिया गया। श्री शाह ने कहा कि 39वें संविधान संशोधन ने सभी सीमाओं को पार कर दिया।
उन्होंने कहा कि 10 अगस्त, 1975 का वह दिन हमारे संविधान के इतिहास में हमेशा काले अक्षरों में दर्ज रहेगा जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी जी के चुनाव को अमान्य करार दिया था। श्री शाह ने कहा कि इंदिरा जी ने संविधान संशोधन से प्रधानमंत्री पद की न्यायिक जांच पर भी प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि ये संविधान संशोधन retrospective effect से किया गया था, यानी पुराना मुकदमा भी है तो वह खारिज हो जाएगा।
श्री शाह ने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी ही 42वां संविधान संशोधन लेकर आईं थी जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष से बढ़कर 6 साल कर दिया गया था। श्री शाह ने कहा कि ऐसा इसी भय से किया था कि उस वक्त चुनाव होते तो वे हार जाते, इसीलिए लोकसभा के कार्यकाल को ही लंबा कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इतनी निर्लज्जता के साथ विश्व में कोई संविधान संशोधन नहीं हुआ।
देश के अर्थतंत्र को लय में लाने के लिए जीएसटी को लागू किया गया
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ये सरकार अपना पहला और 101वां संविधान संशोधन 1 जुलाई, 2017 को लाई जब देश के अर्थतंत्र को लय में लाने के लिए जीएसटी को लागू किया गया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और कामाख्या से द्वारका तक फैले इस विशाल देश को जीएसटी के तहत लोगों की परेशानी को खत्म कर एक कानून लाने का काम नरेन्द्र मोदी जी ने लोगों की भलाई के लिए किया।
श्री शाह ने कहा कि हम दूसरा संशोधन लाए, 102वां संशोधन नेशनल कमीशन ऑफ बैकवर्ड क्लास को संवैधानिक दर्जा देने के लिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तीसरा संशोधन 12 जनवरी, 2019 को लाई जिसके तहत किसी भी प्रकार का आरक्षण का फायदा न पाने वाली गरीब जाति के बच्चों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया।
श्री शाह ने कहा कि पहले ओबीसी की पहचान करने के लिए केन्द्र के पास अधिकार थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि 10 अगस्त, 2021 को लाए गए 105वें संशोधन के बाद पिछड़ेपन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकारों को दिया गया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा मोदी सरकार का चौथा और कुल 106वां संविधान संशोधन 28 दिसंबर, 2023 को लाया गया था।
श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाकर मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दोनो सदनों में 33 प्रतिशत नारी शक्ति की उपस्थिति होने से संविधान निर्माताओं का सपना पूरा हो सकेगा।
श्री शाह ने कहा कि जब मोदी सरकार सत्ता में आई तब महू में डॉक्टर अंबेडकर के जन्म स्थान पर स्मारक बना। उन्होंने कहा कि हमने 14 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय समरसता दिवस’ घोषित किया। श्री शाह ने कहा कि धारा 370 के एक टेंपरेरी प्रोविजन को अपनी गोद में 70 साल तक विपक्षी पार्टी ने खिलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने के लिए लोहे का जिगर चाहिए और जब श्री नरेन्द्र मोदी जी 2019 में फिर से प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने एक ही बार में 370 और 35A को समाप्त कर दिया।

