प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति श्री इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर 10-12 फरवरी के दौरान फ्रांस और उसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड जे. ट्रम्प के निमंत्रण पर अमेरिका की दो दिवसीय यात्रा की। फ्रांस में श्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की और मार्सिले में भारत के महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया। अमेरिका में प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति श्री ट्रम्प ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए एक साहसिक नया लक्ष्य निर्धारित किया—
‘मिशन 500’, जिसका लक्ष्य 2030 तक कुल द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक करके 500 बिलियन डॉलर करना है
फ्रांस
फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 10 से 12 फरवरी 2025 को फ्रांस की यात्रा पर रहे। 10 और 11 फरवरी 2025 को फ्रांस और भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की, ताकि ब्लेचली पार्क (नवंबर, 2023) और सियोल (मई, 2024) शिखर सम्मेलनों के दौरान हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को आगे बढ़ाया जा सके। इस समिट में राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेता, छोटे और बड़े उद्यमों के प्रमुख, शिक्षाविद, गैर-सरकारी संगठन, कलाकार और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हुए।
प्रधानमंत्री श्री मोदी की यह छठी फ्रांस यात्रा थी। उनकी यह यात्रा राष्ट्रपति श्री मैक्रों की जनवरी, 2024 में भारत के 75वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में भारत यात्रा के बाद हुई है।
मार्सिले में भारत के महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति श्री मैक्रों ने असाधारण रूप से मजबूत और बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण पहलुओं और वैश्विक और क्षेत्रीय मामलों पर द्विपक्षीय चर्चा की। दोनों नेता मार्सिले भी गए, जहां राष्ट्रपति श्री मैक्रों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया। यह दोनों नेताओं के बीच उत्कृष्ट संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने संयुक्त रूप से मार्सिले में भारत के महावाणिज्य दूतावास का उद्घाटन भी किया। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर सुविधा का भी दौरा किया।
दोनों नेताओं ने विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के सुधार की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और यूएनएससी मामलों सहित बहुपक्षीय मंचों पर निकटता से समन्वय करने पर सहमति व्यक्त की। फ्रांस ने यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपने दृढ़ समर्थन को दोहराया। दोनों नेताओं ने सामूहिक अत्याचारों के मामले में वीटो के उपयोग के विनियमन पर बातचीत को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने भारत में स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण में सहयोग में प्रगति की सराहना की। इसमें स्वदेशीकरण और विशेष रूप से डीआरडीओ द्वारा विकसित एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन को पी75-स्कॉर्पीन पनडुब्बियों में एकीकृत करने और भविष्य की पी75-एएस पनडुब्बियों में एकीकृत लड़ाकू प्रणाली के संभावित एकीकरण के संबंध में किए गए विश्लेषण भी शामिल हैं। दोनों नेताओं ने 15 जनवरी, 2025 को पी75 स्कॉर्पीन-क्लास परियोजना की छठी और अंतिम पनडुब्बी, आईएनएस

वाघशीर के चालू होने का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने मिसाइलों, हेलीकॉप्टर इंजन और जेट इंजन को लेकर चल रही चर्चाओं का स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की, जिसमें मध्य-पूर्व और यूक्रेन में युद्ध भी शामिल है। उन्होंने नियमित आधार पर समन्वय और निकटता से जुड़े रहने के अपने प्रयासों को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
एआई पर भारत-फ्रांस रोडमैप
प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति श्री मैक्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर भारत-फ्रांस रोडमैप लॉन्च किया, जो सुरक्षित, खुले, संरक्षित और भरोसेमंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए उनके दृष्टिकोणों में दार्शनिकता पर आधारित है। उन्होंने फ्रेंच स्टार्टअप इनक्यूबेटर स्टेशन एफ में भारतीय स्टार्टअप को शामिल करने का स्वागत किया। उन्होंने फ्रांस में भारत की वास्तविक समय भुगतान प्रणाली ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) का उपयोग करने की विस्तारित संभावनाओं का भी स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस असैन्य परमाणु संबंधों और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर सहयोग के प्रयासों विशेष रूप से जैतापुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना के संबंध में स्वीकार किया। उन्होंने असैन्य परमाणु ऊर्जा पर विशेष कार्य बल की पहली बैठक का स्वागत किया और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टर (एएमआर) के आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने और परमाणु पेशेवरों के प्रशिक्षण और शिक्षा में सहयोग के लिए भारत के जीसीएनईपी, डीएई और फ्रांस के आईएनएसटीएन, सीईए के बीच कार्यान्वयन समझौते का स्वागत किया।
संयुक्त राज्य अमेरिका
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड जे. ट्रम्प ने 13 फरवरी, 2025 को वाशिंगटन डीसी में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आधिकारिक कार्यकारी यात्रा की मेजबानी की। राष्ट्रपति श्री ट्रम्प और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 13 फरवरी को सहयोग के प्रमुख स्तंभों में परिवर्तनकारी बदलाव लाने हेतु एक नई पहल ‘21वीं सदी के लिए यूएस-इंडिया कॉम्पैक्ट (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के लिए अवसरों को उत्प्रेरित करना)’ का शुभारंभ किया। इस पहल के अंतर्गत उन्होंने पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी के लिए विश्वास के स्तर को प्रदर्शित करने के लिए इस वर्ष प्रारंभिक परिणामों के साथ परिणाम-संचालित एजेंडे के लिए प्रतिबद्धता जताई।
रक्षा
रक्षा संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने इस वर्ष 21वीं सदी में यूएस-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के लिए एक नए दस वर्षीय फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर करने की योजना की घोषणा की। दोनों

नेताओं ने आज तक भारत की सैन्य सूची में सी‑130जे सुपर हरक्यूलिस, सी‑17 ग्लोबमास्टर III, पी‑8I पोसीडॉन विमान; सीएच‑47एफ चिनूक, एमएच‑60आर सीहॉक्स और एएच‑64ई अपाचे; हार्पून जहाज रोधी मिसाइलें; एम777 हॉवित्ज़र और एमक्यू‑9बीएस जैसी अमेरिकी मूल की रक्षा वस्तुओं के महत्वपूर्ण एकीकरण का स्वागत किया।
व्यापार और निवेश
दोनों नेताओं ने अपने नागरिकों को अधिक समृद्ध, राष्ट्रों को मजबूत, अर्थव्यवस्थाओं को अधिक नवीन और आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक सरल बनाने के लिए व्यापार और निवेश का विस्तार करने का संकल्प लिया। उन्होंने निष्पक्षता, राष्ट्रीय सुरक्षा और रोजगार सृजन सुनिश्चित करने वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों को गहरा करने का संकल्प लिया। इस उद्देश्य के लिए नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए एक साहसिक नया लक्ष्य निर्धारित किया— ‘मिशन 500’, जिसका लक्ष्य 2030 तक कुल द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक करके 500 बिलियन डॉलर करना है।
दोनों नेताओं ने यूएस-इंडिया ट्रस्ट (रणनीतिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर संबंधों में परिवर्तन) पहल की शुरुआत की घोषणा की, जो रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अर्धचालक, क्वांटम, जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार-से-सरकार, शिक्षा और निजी क्षेत्र के सहयोग को उत्प्रेरित करेगी, जबकि सत्यापित प्रौद्योगिकी विक्रेताओं के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी और सुनिश्चित करेगी कि संवेदनशील प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा की जाए।
लोगों के बीच सहयोग
राष्ट्रपति श्री ट्रम्प और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दोनों देशों के बीच लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के महत्व पर ध्यान दिया। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि 3,00,000 से अधिक भारतीय छात्र समुदाय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में वार्षिक 8 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान देता है और कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के सृजन में मदद करता है। उन्होंने माना कि छात्रों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों के प्रतिभा प्रवाह और आवागमन ने दोनों देशों को परस्पर लाभान्वित किया है।

