श्री राम रतन सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ एवं जनता पार्टी में सक्रिय रहे।
श्री सिंह को 1948 में हिसुआ चौक पर अन्य स्वयंसेवकों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वर्ष 1962 में उन्हें वारसलीगंज विधानसभा से भारतीय जनसंघ का उम्मीदवार बनाया गया। ऐसे ही 1975 के आपातकाल के दौरान उन्हें आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत 19 महीने तक केंद्रीय कारागार में रखा गया। 1977 में जनता पार्टी द्वारा उन्हें पुन: उम्मीदवार बनाया गया और वह विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। श्री सिंह संगठन की गतिविधियों में भी अपना योगदान देते रहे और उन्होंने दो बार जिला अध्यक्ष के तौर पर अपने दायित्व का निर्वहन किया। श्री राम रतन सिंह को कविता लिखने में भी रुचि थी।


