बिम्सटेक शिखर सम्मेलन (थाईलैंड) में भाग लेने के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 4 अप्रैल, 2025 को कोलंबो, श्रीलंका पहुंचे। यहां हवाई अड्डे पर श्रीलंका के विदेश मंत्री श्री विजिता हेराथ के नेतृत्व में छह कैबिनेट मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री के होटल परिसर में भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने थाईलैंड की आधिकारिक यात्रा और छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद 4-6 अप्रैल के बीच श्रीलंका की दो दिवसीय सफल यात्रा की। कोलंबो के भंडारनायके हवाई अड्डे पर उनका शानदार स्वागत हुआ।
प्रधानमंत्री ने पांच अप्रैल को श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री अनुरा कुमारा दिसानायका के साथ कोलंबो स्थित राष्ट्रपति सचिवालय में उपयोगी बैठक की। इस वार्ता से पहले प्रधानमंत्री का इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर रस्मी स्वागत किया गया। राष्ट्रपति श्री दिसानायका के सितंबर, 2024 में पदभार ग्रहण करने के बाद से प्रधानमंत्री श्रीलंका की राजकीय यात्रा पर जाने वाले पहले विदेशी नेता थे।
प्रगाढ़ द्विपक्षीय संबंधों को और घनिष्ठ बनाने के लिए
विस्तृत चर्चा
भारत की पड़ोस प्रथम नीति और विजन महासागर
दोनों नेताओं ने साझा इतिहास पर आधारित तथा जनता के बीच मजबूत संबंधों से प्रेरित विशेष और प्रगाढ़ द्विपक्षीय संबंधों को और घनिष्ठ बनाने के लिए सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर के प्रारूप में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कनेक्टिविटी, विकास सहयोग, आर्थिक संबंधों, रक्षा संबंधों, सुलह और मछुआरों के मुद्दों के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने भारत की पड़ोस प्रथम नीति और विजन महासागर में श्रीलंका के महत्व को दोहराया। उन्होंने श्रीलंका की आर्थिक सुधार और स्थिरीकरण में सहायता के लिए भारत की ओर से निरंतर प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने कई परियोजनाओं का आभासी रूप से उद्घाटन किया। इनमें श्रीलंका भर के धार्मिक स्थलों पर स्थापित 5000 सौर रूफटॉप इकाइयां और दांबुला में तापमान नियंत्रित भंडारण सुविधा शामिल है। उन्होंने 120 मेगावाट की सामपुर सौर विद्युत परियोजना के शुभारंभ के लिए भूमिपूजन समारोह में भी आभासी रूप से भाग लिया।
प्रधानमंत्री को ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया गया
यह विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला श्रीलंका का सर्वोच्च सम्मान है
श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री अनुरा कुमारा दिसानायका ने पांच अप्रैल को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ पुरस्कार प्रदान किया। यह विदेशी नेताओं को दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान है। पहली बार किसी भारतीय नेता को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री को यह पुरस्कार भारत-श्रीलंका मैत्री को मजबूत करने में उनके स्थायी योगदान के लिए प्रदान किया गया।
भारत के 1 अरब 40 करोड लोगों की ओर से पुरस्कार स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को भारत और श्रीलंका के बीच विशेष मैत्री और दोनों देशों के लोगों के बीच सदियों पुराने संबंधों को समर्पित किया।
इस सम्मान पर आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आज राष्ट्रपति दिसानायका द्वारा ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। यह सम्मान सिर्फ़ मेरा नहीं है, यह भारत के 1.4 बिलियन लोगों के प्रति श्रद्धांजलि है। यह भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच गहरी दोस्ती और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है। मैं इस सम्मान के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति, सरकार और लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।”
दोनों नेताओं की मौजूदगी में पूर्वी प्रांत में ऊर्जा, डिजिटलीकरण, रक्षा, स्वास्थ्य और बहु-क्षेत्रीय सहायता के क्षेत्रों में सात समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। प्रधानमंत्री ने त्रिंकोमाली में थिरुकोनेश्वरम मंदिर, अनुराधापुरा में पवित्र शहर परियोजना और नुवारा एलिया में सीता एलिया मंदिर परिसर के विकास के लिए सहायता देने की घोषणा की। क्षमता निर्माण और आर्थिक सहायता के क्षेत्रों में सालाना अतिरिक्त 700 श्रीलंकाई नागरिकों को प्रशिक्षण देने के लिए एक व्यापक पैकेज और ऋण पुनर्गठन पर द्विपक्षीय संशोधन समझौते होने की भी घोषणा की गई। दोनों देशों की साझा बौद्ध विरासत को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस समारोह के लिए गुजरात से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष श्रीलंका भेजने की घोषणा की।
भारत ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को अपनाया है
श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पांच अप्रैल को कहा कि भारत ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को अपनाया है। हम अपने पार्टनर देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीनों में ही हमने 100 मिलियन डॉलर से अधिक राशि के लोन को ग्रांट में बदला है। हमारे द्विपक्षीय ‘debt restructuring एग्रीमेंट’ से श्रीलंका के लोगों को तत्काल सहायता और राहत मिलेगी। आज हमने ब्याज की दर को भी कम करने का निर्णय लिया है। यह प्रतीक है कि आज भी भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है।
श्री मोदी ने कहा कि पूर्वी प्रांतों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए लगभग 2.4 बिलियन लंकन रुपए का सहयोग पैकेज दिया जाएगा। आज हमने किसानों की भलाई के लिए श्रीलंका के सबसे बड़े वेयरहाउस का भी उद्घाटन किया।
जया श्री महाबोधि मंदिर का दौरा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री अनुरा कुमारा दिसानायका के साथ छह अप्रैल को अनुराधापुरा में पवित्र जया श्री महाबोधि मंदिर का दौरा किया और पूजनीय महाबोधि वृक्ष की पूजा की।
ऐसा माना जाता है कि यह वृक्ष बो पौधे से विकसित हुआ है जिसे तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में संगमिता महाथेरी भारत से श्रीलंका लायी थीं। यह मंदिर मजबूत सभ्यतागत संबंधों का प्रमाण है जो भारत-श्रीलंका के बीच घनिष्ठ साझेदारी की नींव है।
कोलंबो में आईपीकेएफ स्मारक का दौरा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पांच अप्रैल को कोलंबो में आईपीकेएफ स्मारक का दौरा किया और पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने भारतीय शांति सेना के उन बहादुर सैनिकों की सराहना की जिन्होंने श्रीलंका की शांति, एकता और क्षेत्रीय अखंडता की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी।
‘एक्स’ पर पोस्ट में श्री मोदी ने कहा, “कोलंबो में आईपीकेएफ स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। हम भारतीय शांति सेना के उन बहादुर सैनिकों को याद करते हैं जिन्होंने श्रीलंका की शांति, एकता और क्षेत्रीय अखंडता की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी। उनका अटूट साहस और प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
भारतीय मूल के तमिल नेताओं ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात
श्रीलंका के भारतीय मूल के तमिल (आईओटी) नेताओं ने पांच अप्रैल को कोलंबो में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। श्री मोदी ने घोषणा की कि भारत, श्रीलंका सरकार के सहयोग से आईओटी के लिए 10,000 घरों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पवित्र स्थल सीता एलिया मंदिर और अन्य सामुदायिक विकास परियोजनाओं के निर्माण में सहायता करेगा।


