‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ स्नेह मिलन समारोह
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 29 मार्च, 2025 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में बिहार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत स्नेह मिलन समारोह’ को संबोधित किया और बिहार को विश्व को प्रजातंत्र की सीख देने वाली भूमि बताया। कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली से लोकसभा सांसद श्री मनोज तिवारी, सुश्री बांसुरी स्वराज एवं श्रीमती कमलजीत सहरावत, दिल्ली प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद तथा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री प्रत्यूष कंठ सहित पार्टी के कई गणमान्य नेता उपस्थित रहे।
श्री नड्डा ने सभी उपस्थितजनों को बिहार दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा बिहार की संस्कृति, परंपरा और विकास में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन
महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिए अपना पहला आंदोलन भी बिहार के चंपारण से ही शुरू किया था और जब लोकतंत्र पर कांग्रेस की सरकार में कुठाराघात हो रहा था, तब भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी ने बिहार की धरती से ही शुरू किया था
के लिए उन्होंने भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष श्री संतोष ओझा को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों से एकजुटता और बिहार एवं देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
श्री नड्डा ने बिहार की स्थानीय कलाओं एवं हस्तशिल्प की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। बिहार के शिल्पकारों और कलाकारों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिसमें मधुबनी पेंटिंग, भागलपुरी सिल्क, टिकुली आर्ट, सीकरी पेंटिंग और सूत शिल्प जैसे अद्वितीय हस्तशिल्प शामिल थे। उन्होंने कहा कि बिहार की कला और संस्कृति भारतीय विरासत का अभिन्न अंग है और इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भाजपा सरकार हरसंभव सहयोग कर रही है।
उन्होंने कहा कि जहां पूर्वांचल चल पड़ता है वहां देश आगे बढ़ता है। इतिहास इस बात का गवाह है कि विश्व को प्रजातंत्र की सीख भी बिहार की भूमि से मिली है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिए अपना पहला आंदोलन भी बिहार के चंपारण से ही शुरू किया था और जब लोकतंत्र पर कांग्रेस की सरकार में कुठाराघात हो रहा था, तब भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी ने बिहार की धरती से ही शुरू किया था। इसलिए बिहार का एक विशेष महत्व है। विश्वभर के प्रजातंत्र का तंत्र बिहार की ही धरती से ही विकसित हुआ है। बिहार तेजस्विता और कर्मशीलता के साथ खड़ा होने की ताकत रखता है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय बिहार की धरती पर विद्यमान थे और देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से विद्यार्थी वहां विद्या ग्रहण करने आते थे। दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, हमें मैथिली, मगही या भोजपुरी बोलने वाले मिल जाएंगे। ईमानदारी से अपने काम को करने की ताकत इसी बिहार की धरती के लोगों में हैं।
आरजेडी पर करारा हमला करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि आगे बढ़ते हुए बिहार को लालूराज ने डूबता हुआ बिहार बना दिया था। एक समय ऐसा आया था कि शाम 5 बजे के बाद लोगों का बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था, लेकिन एनडीए की सरकार में बिहार ने विकास के नए आयाम छुए हैं। मेरा बचपन और किशोरावस्था बिहार में ही बीता है। अपने बचपन के दौरान मैंने गंगा किनारे गांधी सेतु को बनते हुए देखा है, निर्माण कार्य कई दशकों तक चलता रहा। आज बिहार में गंगा किनारे मरीन ड्राइव बन चुका है, इसके ऊपर से नया पुल बन चुका है। बिहार में सड़कों और रेल नेटवर्क का जाल बुना गया है।
उन्होंने कहा कि जब 2005 में बिहार में एनडीए सरकार आई थी, तब बिहार में ग्रामीण सड़क का नेटवर्क केवल 384 किमी का था, जबकि आज बिहार में 1 लाख 12 हजार किमी सड़क बन चुकी है।
श्री नड्डा ने कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन राज्य में जनता के आशीर्वाद से भारी बहुमत से विजयी होगी तथा वहां विकास की गति और तेज होगी।

