बिहार की जनता तय करे कि उन्हें ‘जंगलराज’ की ओर जाना है या ‘विकास के रास्ते’ पर बढ़ना है : अमित शाह

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विशाल जनसभा, गोपालगंज (बिहार)

     केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 30 मार्च, 2025 को बिहार के गोपालगंज में आयोजित विशाल जनसभा संबोधित करते हुए विगत 10 वर्षों में बिहार के लोगों और युवाओं के लिए मोदी सरकार द्वारा किए गए जनकल्याण एवं विकास कार्यों का उल्लेख किया और आरजेडी के जंगलराज पर जमकर हमला बोला। श्री शाह ने कहा कि लालू यादव ने केवल अपने परिवार को सेट किया और बिहार युवाओं के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बिहार को विकसित करने का काम कर रहे हैं और युवाओं को रोजगार दिया। श्री शाह ने बिहार में होने वाले आगामी

बिहार में ‘माता सीता’ का भव्य मंदिर बनेगा और पूरी दुनिया को आकर्षित करेगा, जो मातृशक्ति का संदेश देगा

विधानसभा चुनाव में एनडीए को समर्थन देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री विनोद तावड़े, उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी एवं श्री विजय कुमार सिन्हा, राज्यसभा सांसद श्री दीपक प्रकाश, सांसद डॉ. संजय जयसवाल, सांसद व वरिष्ठ नेता श्री राधामोहन सिंह, श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, भाजपा राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी डॉ. संजय मयूख सहित अन्य नेतागण मंच पर उपस्थित रहे।

श्री शाह ने कहा कि इस साल 2025 में बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। बिहार की जनता को यह तय करना है कि उन्हें लालू-राबड़ी के ‘जंगलराज’ की ओर जाना है या प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दस वर्षों में विकास कार्यों को बिना रुके आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ बुनियादी विकास ही नहीं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक विकास और बिहार की धरोहरों का सम्मान भी होगा। बिहार में ‘माता सीता’ का भव्य मंदिर बनेगा और पूरी दुनिया को आकर्षित करेगा, जो मातृशक्ति का संदेश देगा। अयोध्या-जनकपुर रामायण सर्किट बिहार के पर्यटन को बढ़ावा देगा। वैशाली महोत्सव की शुरुआत की गई है। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मधुबनी पेंटिंग को जीआई टैग प्रदान किया। मोदी सरकार ने बिहार कोकिला शारदा सिन्हा को पद्म भूषण दिया था और उनकी मृत्यु के बाद उन्हें पद्म विभूषण देकर सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि 15 साल तक बिहार में लालू-राबड़ी की सरकार रही, 10 साल तक केंद्र की सोनिया-मनमोहन सरकार में लालू यादव केंद्रीय मंत्री रहे। लालू यादव बताएं कि उन्होंने बिहार के लिए क्या किया? 2004-05 में बिहार का बजट 23 हजार करोड़ रुपये था, जिसे एनडीए सरकार ने 13 गुना बढ़ाकर 3 लाख 23 हजार करोड़ रुपये किया। प्रति व्यक्ति आय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 66 हजार रुपये की गई। गरीबी रेखा से नीचे की आबादी, जो 56% थी, उसे घटाकर 33% तक लाया गया।

श्री शाह ने आरजेडी पर तंज कसते हुए कहा कि जब बिहार में आरजेडी की सरकार थी, तब बिहार को रंगदारी, जंगलराज, दबंगई, डकैती, अपहरण, फिरौती और अराजकता में धकेल दिया गया था।
आरजेडी शासन में घोटाले ही घोटाले किए गए। अलकतरा घोटाला, बाढ़ राहत घोटाला, रेलवे होटल घोटाला, मिट्टी घोटाला और चारा घोटाला हुआ। आरजेडी के नेता गौ माता का चारा भी खा गए। इन लोगों को न शर्म आई, न ही लाज। बिहार के लोग फिर से अपहरण, हत्या और भय के शासन में नहीं जाना चाहते हैं। बिहार की जनता चारा घोटाले को कभी नहीं भूल सकती है और न ही बूथ कैप्चरिंग कर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश को भुलाया जा सकता है। बिहार के युवा नौकरी के बदले जमीन का षड्यंत्र को नहीं भूल सकते हैं। लालू यादव जी ने केवल अपने परिवार को सेट किया है। उनके दोनों बेटे आज बिहार में मुख्यमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं। एक बेटी राज्यसभा सांसद हैं, दूसरी बेटी को लोकसभा चुनाव लड़ाया गया। उनकी पत्नी राबड़ी देवीजी पूर्व मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और उनके दोनों भाई मंत्री रह चुके हैं। लालू यादवजी ने अपनी भाभी को भी नेता बनाया और उनके भाई भी विधायक रहे। पूरे परिवार में कोई नहीं बचा, लालू जी ने सभी को सेट कर दिया। लालू यादवजी ने अपने परिवार को तो आगे बढ़ाया, मगर बिहार के युवाओं के लिए कुछ नहीं किया। लेकिन यह काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं।

श्री शाह ने साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में कमल निशान पर बटन दबाकर फिर से एनडीए की सरकार बनाने की अपील की और बिहार को एक बार पुनः विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।