केन्द्रीय गृह मंत्री ने राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब दिया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 21 मार्च को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब दिया। दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में गृह मंत्रालय ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और एक मज़बूत विधायी खाका खड़ाकर हमारे सुरक्षाकर्मियों के हौसले में वृद्धि करने का प्रयास किया है
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस देश की सुरक्षा, विकास और सार्वभौमिकता को – जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और उत्तर-पूर्व के उग्रवाद – की तीन बड़ी समस्याओं से हमेशा चुनौती मिलती रही। उन्होंने कहा कि ये तीन नासूर लगभग 4 दशकों से देश की शांति में खलल डालते रहे, देश की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाते रहे और देश के विकास की गति को अवरुद्ध करते रहे।
श्री शाह ने कहा कि इन तीन समस्याओं के कारण 4 दशकों में देश के लगभग 92 हज़ार नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने से पहले इन नासूरों के संपूर्ण उन्मूलन के लिए कोई सुनियोजित प्रयास नहीं हुआ था। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद समाप्ति की ओर है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पहले कश्मीर में पड़ोसी देश से आए दिन आतंकी घुसते थे, बम धमाके और हत्याएं करते थे और इन घटनाओं के प्रति तत्कालीन केन्द्र सरकारों का रवैया लचीला होता था। वे चुप्पी साध जाते थे, उन्हें बोलने में डर लगता था और साथ ही वोट बैंक का डर भी था। उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। मोदी सरकार में किसी की हिम्मत नहीं कि देश में बम धमाका कर सके। हमारी सरकार आने के बाद उरी और पुलवामा में हमला हुआ, लेकिन हमने 10 ही दिन में पाकिस्तान के घर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया।
श्री शाह ने कहा कि कश्मीर में अलगाववाद का मूल कारण धारा 370 थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मजबूरी और वोट बैंक की पॉलिटिक्स के कारण धारा 370 कई वर्षों तक चलती रही। गृह मंत्री ने कहा कि इसी संसद में 5 अगस्त, 2019 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने धारा 370 को समाप्त कर दिया।
हमारी सरकार के समय आतंकी जहां मारे गए वहीं दफना दिए जाते हैं
श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए जिनसे आतंकियों के साथ भारतीय बच्चों के जुड़ने की संख्या करीब-करीब शून्य हो गई है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले आतंकियों का महिमामंडन होता था औऱ बड़े जुलूस निकलते थे, लेकिन हमारी सरकार के समय में एक का भी जुलूस नहीं निकला, जहां मारे गए वहीं दफना दिए जाते हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच 7217 आतंकी घटनाएं हुईं, जो 2014-2024 के बीच घटकर 2242 रह गई। इसी अवधि में कुल मृत्यु में 70 प्रतिशत की कमी आई है, नागरिकों की मृत्यु में 81 प्रतिशत और सुरक्षाबलों की मृत्यु में 50 प्रतिशत की कमी आई है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब तक हजारों लोग वामपंथी उग्रवाद की बलि चढ़ चुके हैं। पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक का लाल कॉरिडोर में कई जिलों, तहसीलों और थानों पर कब्जा कर लिया गया था और पूरी व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। पैरलेल करेंसी और स्टेम्प पेपर चलाए जा रहे थे। सरकारें बनाई गईं, लेकिन कोई बोलने वाला नहीं था। उन्होंने कहा कि वह सदन को जिम्मेदारी के साथ बताना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 तक 16,463 हिंसक घटनाएं हुई थीं, लेकिन पिछले दस साल में इसमें 53 प्रतिशत कमी आई है। वर्ष 2004 से 2014 तक 1851 सुरक्षाकर्मी मारे गए, लेकिन पिछले दस साल में मारे गए सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटकर 509 रही, जो 73 प्रतिशत की कमी है। नागरिकों की मृत्यु का आंकड़ा 4766 से घटकर 1495 रह गया है, जो 70 प्रतिशत की कमी है। श्री शाह ने कहा कि दिसंबर, 2023 में छत्तीसगढ़ में शासन बदला, जिसके बाद एक ही साल के भीतर 380 नक्सली मारे गए। 1194 नक्सली गिरफ्तार हुए और 1045 ने सरेन्डर किया।
पूर्वोत्तर में हिंसक घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर की समस्या को भी हम समाप्त करने की कगार पर हैं। वहां भी हिंसक घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। हताहत सुरक्षाकर्मियों की संख्या में 72 प्रतिशत और हताहत नागरिकों की संख्या में 85 प्रतिशत की कमी आई है। हमारी सरकार आने का बाद सभी हथियारबंद समूहों से बात की। वर्ष 2019 से लेकर अब तक 12 महत्वपूर्ण शांति समझौते किए। श्री शाह ने कहा कि कुल मिलाकर 10,900 युवा हथियार डालकर मुख्यधारा में आए हैं। बोडोलैंड में हजारों युवा विकास के रास्ते पर चल पड़े हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स एक गंभीर समस्या है, लेकिन ये लड़ाई अकेले सरकार नहीं लड़ सकती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की यह नीति है कि जो ड्रग लेता है, वह इस बुराई का पीड़ित है और ड्रग का व्यापार करने वाला गुनहगार।
श्री शाह ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के दौरान 25 लाख किलोग्राम ड्रग जब्त की गई, जबकि 2014 से 2024 के दौरान ये बढ़कर एक करोड़ किलोग्राम से ज्यादा हो गई। 2004 से 2014 के दौरान 40 हज़ार करोड़ रुपये की ड्रग पकड़ी गई, जबकि 2014 से 2024 के बीच 1 लाख 50 हज़ार करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग पकड़ी गई है।
देश की हर भाषा भारत की संस्कृति का गहना है
श्री अमित शाह ने कहा कि देश की हर भाषा भारत की संस्कृति का गहना है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने स्थानीय भाषाओं के लिए काम किया है और मेडिकल तथा इंजीनियरिंग की शिक्षा को भारत की भाषाओं में शुरू किया है। श्री शाह ने कहा कि भाषा के नाम पर देश को बांटने को छोड़ अब विकास की बात होनी चाहिए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज़ादी के 75 साल बाद तक अंग्रेज़ों की संसद द्वारा, उनके शासन को मज़बूत और सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए आपराधिक कानून चले आ रहे थे।
पूर्वोत्तर की समस्या को भी हम समाप्त करने की कगार पर हैं। वहां भी हिंसक घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। हताहत सुरक्षाकर्मियों की संख्या में 72 प्रतिशत और हताहत नागरिकों की संख्या में 85 प्रतिशत की कमी आई है
उन्होंने कहा कि 1 जुलाई, 2024 से तीन नए आपराधिक कानूनों– भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को पूरे देश में लागू किया गया। श्री शाह ने कहा कि अगले 3 साल में ये नए कानून हर राज्य के हर पुलिस स्टेशन में शत-प्रतिशत लागू हो जाएंगे, जिसके बाद देश में किसी भी केस में सुप्रीम कोर्ट तक 3 साल में न्याय प्राप्त हो सकेगा।
आपदा प्रबंधन
श्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 के पहले आपदा प्रबंधन ‘राहत केंद्रित’ था और इसे रिएक्शनरी दृष्टिकोण के साथ बनाया गया था, जबकि 2014 के बाद ‘बचाव केंद्रित’ दृष्टिकोण अपनाया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 में SDRF की निधि 37,727 करोड़ रुपए थी, लेकिन 2014 के बाद यह बढ़कर एक लाख 20 हजार 780 करोड़ रुपए कर दी गई है। वर्ष 2004 से 2014 तक NDRF की निधि 27,000 करोड़ रुपए थी, लेकिन 2014 के बाद यह बढ़कर 80,000 करोड़ रुपए हो गई। उन्होंने कहा कि यह बताता है कि किस पैमाने पर देश को आपदा से बचाने का काम हुआ है।
श्री शाह ने कहा कि पद्म पुरस्कारों में ऐसे लोगों को पुरस्कार मिले है जो सामान्य लोगों के हीरो थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और देश के अंदर छोटे-छोटे परिवर्तन लाने में खपा दिया। ऐसे लोगों को आज किसी सिफारिश की जरुरत नहीं हैं।
मुख्य बातें
मोदी सरकार में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद समाप्ति की ओर
मोदी सरकार न आतंकवाद को सहेगी न आतंकवादियों को
कुछ लोग अपने घोटाले और भष्टाचार को छिपाने के लिए भाषा की आड़ ले रहे हैं
मोदी सरकार में किसी की हिम्मत नहीं कि देश में बम धमाका कर सके
अगले 3 साल में पूरे देश में पूर्णतः लागू हो जायेंगे नये आपराधिक कानून
अगले 6 माह में एक पूर्ण स्वदेशी ड्रोनरोधी मॉड्यूल देश के सामने होगा
NIA ने 95% दोषसिद्धि दर हासिल की है, जो दुनियाभर की एंटी टेरर एजेंसी में सबसे अधिक है
मोदी सरकार ने PFI को बैन कर उसके सदस्यों को चुन-चुन कर जेल भेजा और देश को सामने आने वाले एक बड़े खतरे को समाप्त किया
ड्रग के कारोबार से पैसा कमाने वाले और उस पैसे को आतंकवादी गतिविधियों में लगाने वालों को मोदी सरकार कभी नहीं छोड़ेगी
कुछ लोग पंजाब में भिंडरावाला बनना चाहते थे, हमने उन्हें असम में जेल में डालने का काम किया

