‘भाजपा समृद्ध और विकसित पश्चिम बंगाल बनाना चाहती है’

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जनसभा, दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल)

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जुलाई, 2025 को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ बनाने में पश्चिम बंगाल की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है। भाजपा समृद्ध और विकसित पश्चिम बंगाल बनाना चाहती है। यहां की टीएमसी सरकार बंगाल के विकास के आगे दीवार बनकर खड़ी है। जिस दिन टीएमसी सरकार की दीवार बंगाल में गिरेगी, उसी दिन से बंगाल विकास की नई रफ्तार पकड़ लेगा। श्री मोदी ने कहा कि आसपास के राज्यों को देखिए। आज असम तेज गति से प्रगति कर रहा है। भाजपा सरकार त्रिपुरा को भी विकास की नई रफ्तार दे रही है। ओडिशा में भी भाजपा सरकार बनने के बाद यह प्रदेश जल्द ही देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में अपनी जगह बना लेगा। इसलिए, पश्चिम बंगाल में आप भी एक बार भाजपा को अवसर देकर एक ऐसी सरकार बनाएं…जो ईमानदार हो, कामदार हो और दमदार हो।

टीएमसी सरकार बंगाल के विकास के आगे दीवार बनकर खड़ी है। जिस दिन टीएमसी सरकार की दीवार बंगाल में गिरेगी, उसी दिन से बंगाल विकास की नई रफ्तार पकड़ लेगा

पश्चिम बंगाल को प्रेरणाओं से भरा हुआ बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि एक समय था जब देशभर से लोग यहां रोजगार के लिए आते थे, जबकि आज स्थिति पूरी तरह उलट गई है। यहां नए उद्योग लगने के बजाय, जो हैं उसमें भी ताले लग रहे हैं। आज पश्चिम बंगाल का नौजवान पलायन के लिए मजबूर है। हमें बंगाल को इस बुरे दौर से बाहर निकालना है। आज जो परियोजनाएं यहां शुरू हुई हैं…वो इसी का प्रतीक हैं। बंगाल बदलाव और विकास चाहता है। बंगाल के उद्योगों को भी नई टेक्नोलॉजी की जरूरत है। दुर्गापुर-कोलकाता गैस पाइपलाइन से यहां के उद्योगों को नया जीवनदान मिलेगा। इसीलिए इस पर केंद्र की भाजपा सरकार हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इससे बंगाल के नौजवानों के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे।

पश्चिम बंगाल की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने आश्वस्त किया कि इसे बदला जा सकता है। भाजपा सरकार आने के कुछ ही समय बाद पश्चिम बंगाल, देश के टॉप इंडस्ट्रियल राज्यों में से एक बन सकता है। लेकिन जब तक यहां टीएमसी सरकार रहेगी…ये कभी भी बंगाल के पुराने गौरव को वापस नहीं लाने देगी। क्योंकि इसकी नीतियां निवेश और नौकरी विरोधी हैं। टीएमसी ने बंगाल के नौजवानों के वर्तमान और भविष्य…दोनों को संकट में डाल दिया है। ये जो टीएमसी का गुंडा टैक्स है, ये बंगाल में निवेश को रोकता है। यहां की सरकार, नीतियां ही अपने नेताओं को भ्रष्टाचार की खुली छूट देने के लिए बनाती है। इसलिए बंगाल का हाल बेहाल हो गया है और आज हर कोई कह रहा है…टीएमसी हटाओ, बंगाल बचाओ!

श्री मोदी ने राज्य सरकार की नीतियों पर चोट करते हुए कहा कि मां, माटी, मानुष की बात करने वाली सरकार में हमारी बेटियों के साथ जो अन्याय हो रहा है, वो पीड़ा और आक्रोश से भर देता है। आज पश्चिम बंगाल में अस्पताल भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं है। जब यहां डॉक्टर बेटी के साथ अत्याचार हुआ तो टीएमसी सरकार अपराधियों को बचाने में जुट गई। इस घटना से देश अभी बाहर भी नहीं निकला था कि एक और कॉलेज में एक बेटी के साथ भयंकर अत्याचार किया गया। इसमें भी जो आरोपी हैं, उनका कनेक्शन टीएमसी से निकला है। टीएमसी के बड़े नेता, मंत्री आरोपियों के बजाय, पीड़ित को ही दोषी ठहराते रहे। ऐसे कई उदाहरण हैं, जो टीएमसी की निर्ममता के साक्षी हैं। हमें मिलकर बंगाल को इस निर्ममता से मुक्ति दिलानी है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने भाजपा की वैचारिक नींव को अपने खून से सींचा है। डॉ. मुखर्जी ने एक देश एक संविधान का जो सपना देखा, वही भाजपा का संकल्प बना और उसे हमने पूरा करके भी दिखाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ही है, जो बांग्ला भाषा को प्रेरणा, परंपरा और पहचान का माध्यम मानती है। तभी तो बीजेपी की केंद्र सरकार ने बांग्ला भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है, लेकिन यहां पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है? यहां टीएमसी ने अपने स्वार्थ में पश्चिम बंगाल की पहचान को भी दांव पर लगा दिया है। इसके लिए यहां घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है। ये पश्चिम बंगाल और देश की सुरक्षा के लिए खतरा है, लेकिन तुष्टीकरण के लिए टीएमसी हर हद पार कर रही है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसके साथ भारत के संविधान के तहत न्याय-सम्मत कार्रवाई होती रहेगी। बंगाल की अस्मिता के खिलाफ किसी भी साजिश को भाजपा कामयाब नहीं होने देगी। ये मोदी की गारंटी है।

श्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि पश्चिम बंगाल को भाजपा की डबल इंजन की सरकार की जरूरत है, ताकि गरीब और आदिवासी कल्याण की जो योजनाएं देशभर में लागू हैं, उनका लाभ पश्चिम बंगाल के लोगों को भी मिले। टीएमसी सरकार केंद्र की योजनाओं को या तो रोक लेती है या फिर उनमें भ्रष्टाचार करती है। रोड, रेल, टेलीकॉम से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट यहां लटके हुए हैं। देश में कई राज्य ऐसे हैं, जहां हर घर में नल लग चुका है। लेकिन पश्चिम बंगाल में दुर्भाग्य से एक भी जिला ऐसा नहीं है, जहां शत-प्रतिशत नल से जल पहुंचा हो। देश में 4 करोड़ गरीब परिवारों को पीएम आवास योजना के पक्के घर मिल चुके हैं, लेकिन यहां लाखों गरीबों को पक्के घर नहीं मिल पा रहे। इसी तरह 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान स्कीम पूरे देश में चल रही है। लेकिन टीएमसी निर्ममता के साथ यहां इसे लागू नहीं कर रही। यहां भाजपा सरकार बनते ही इन सभी योजनाओं का फायदा पश्चिम बंगाल के हर परिवार को मिलेगा…ये मोदी की गारंटी है।

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18 जुलाई को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस्पात नगरी के रूप में विख्यात दुर्गापुर भारत की श्रम शक्ति का एक प्रमुख केंद्र भी है। उन्होंने भारत के विकास में इसके महत्वपूर्ण योगदान की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा कि आज का दिन इस भूमिका को और सशक्त करने का अवसर है। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि आज शुरू की गई परियोजनाएं क्षेत्र में संपर्क को बेहतर बनाएंगी, गैस-आधारित परिवहन और गैस-आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देंगी और दुर्गापुर की इस्पात नगरी के रूप में पहचान को और मज़बूत करेंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं और पश्चिम बंगाल को आगे बढ़ाने में सहायता करेंगी। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोज़गार के अनेक नए अवसर पैदा होंगे। श्री मोदी ने इन विकास परियोजनाओं के लिए सभी को हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक बने पक्के घर

श्री मोदी ने कहा कि आज वैश्विक चर्चा भारत के विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के इर्द-गिर्द घूम रही है। उन्होंने इसका श्रेय भारत में हो रहे परिवर्तनकारी बदलावों को दिया, जो एक ‘विकसित भारत’ की नींव रख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि इन बदलावों का एक बड़ा पहलू सामाजिक, भौतिक और डिजिटल सहित बुनियादी ढांचा है। श्री मोदी ने प्रमुख उपलब्धियों जैसे गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक पक्के घर, करोड़ों शौचालय, 12 करोड़ से अधिक नल के पानी के कनेक्शन, हज़ारों किलोमीटर नई सड़कें और राजमार्ग, नई रेल लाइनें, छोटे शहरों में हवाई अड्डे और हर गांव और घर तक व्यापक इंटरनेट पहुंच पर प्रकाश डाला।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस आधुनिक बुनियादी ढांचे का लाभ पश्चिम बंगाल सहित हर राज्य को मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में रेल संपर्क में अभूतपूर्व प्रगति का भी उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा कि बंगाल बड़ी संख्या में वंदे भारत रेलगाड़ियों का संचालन करने वाले अग्रणी राज्यों में से एक है। उन्होंने कोलकाता मेट्रो के तेज़ी से विस्तार और नई रेल लाइन पटरियों के दोहरीकरण और विद्युतीकरण पर चल रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।

श्री मोदी ने बताया कि कई रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और बड़ी संख्या में रेलवे ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि आज पश्चिम बंगाल में दो और रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि इन सभी प्रयासों से बंगाल के लोगों का जीवन काफी आसान हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस क्षेत्र के हवाई अड्डे को उड़ान योजना के साथ एकीकृत किया गया है। श्री मोदी ने बताया कि पिछले वर्ष में ही 5 लाख से अधिक यात्रियों ने उड़ान योजना सुविधा के माध्यम से यात्रा की है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस तरह का बुनियादी ढांचा न केवल सुविधा बढ़ाता है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में उपयोग किए जाने वाले कच्चे माल का उत्पादन भी पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।

गैस कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व प्रगति

प्रधानमंत्री ने यह रेखांकित किया कि पिछले 10-11 वर्षों में भारत ने गैस कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व प्रगति की है। श्री मोदी ने कहा कि इस दशक के दौरान एलपीजी देश भर के घरों तक पहुंच गई है, जिसे वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने ‘वन नेशन, वन गैस ग्रिड’ दृष्टिकोण और प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना के शुभारंभ पर सरकार के काम पर बल दिया। इस पहल के अंतर्गत पश्चिम बंगाल सहित छह पूर्वी राज्यों में गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है।

श्री मोदी ने कहा कि चाहे भारत के कारखाने हों या खेत, हर प्रयास एक ही संकल्प से प्रेरित है— भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने सरकार के भविष्य का मार्ग— विकास के माध्यम से सशक्तीकरण, रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता और संवेदनशीलता के माध्यम से सुशासन को रेखांकित किया। श्री मोदी ने यह कहते हुए अपने संबोधन का समापन किया कि इन मूल्यों को कायम रखते हुए पश्चिम बंगाल को भारत की विकास यात्रा का एक मजबूत इंजन बनाया जाएगा।

इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस, केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, श्री शांतनु ठाकुर और डॉ. सुकांत मजूमदार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।