पाकिस्तान के साथ बात होगी तो आतंकवाद और पीओके पर होगी : नरेन्द्र मोदी

| Published on:

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए बर्बर आतंकी हमले ने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया। इसमें धर्म पूछकर 26 निर्दोष व निहत्थे नागरिकों की हत्या कर दी गयी। इस खौफनाक मंजर से पूरा देश रोष में था और राष्ट्र ने आंतकियों को कड़ा सबक सिखाने का प्रण लिया। आतंकियों और उनके मददगारों को कठोर संदेश देने के लिए भारत ने 7 मई, 2025 की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉच किया और पाकिस्तान स्थित कई विशाल आतंकी ठिकानों पर सटीक प्रहार कर उन्हें मिट्टी में मिला दिया। इससे पहले भारत ने 2016 में उरी हमले के खिलाफ नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान स्थित आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया था, ऐसे ही 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के उत्तर में पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की गयी थी। सच तो यह है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पिछली सभी कार्यवाहियों से ज्यादा प्रभावशाली और निर्णायक रहा। उल्लेखनीय है कि कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ही दिया था।

इस कार्रवाई के दौरान नियंत्रण रेखा पार कर कई सटीक विध्वंशकारी हमले किए गए, जिसमें जैश और लश्कर के आतंकवादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। भारत ने स्पष्ट कर दिया कि ये सैन्य हमले आत्मरक्षा हेतु किये गये हैं और यह सीमा पार मौजूद आतंकवादी अड्डों को नष्ट करने के लिए थे। हमारी यह कार्रवाई सैन्य ठिकानों पर नहीं थी। भारत पहले से ही यह चेतावनी देता रहा है कि किसी भी पाकिस्तानी दुस्साहस का उचित जवाब दिया जाएगा और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र ने हाल के दिनों में भारत की शक्ति और संयम दोनों को देखा है। उन्होंने प्रत्येक भारतीय नागरिक की ओर से देश की अजेय सशस्त्र सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सलाम किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्र ने हाल के दिनों में भारत की शक्ति और संयम दोनों को देखा है। उन्होंने प्रत्येक भारतीय नागरिक की ओर से देश की अजेय सशस्त्र सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सलाम किया। प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्यों को प्राप्त करने में भारत के बहादुर सैनिकों द्वारा दिखाए गए अटूट साहस, उनकी वीरता, सहनशीलता और अदम्य उत्साह के बारे में बताया। उन्होंने इस अद्वितीय वीरता को राष्ट्र की प्रत्येक मां, बहन और बेटी को समर्पित किया।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि इसने देश और दुनिया को झकझोर दिया है। श्री मोदी ने इस कृत्य को आतंक का एक वीभत्स प्रदर्शन बताया, जिसमें छुट्टियों का आनंद ले रहे निर्दोष नागरिकों को उनके परिवारों और बच्चों के सामने उनकी आस्था के बारे में पूछकर बेरहमी से मार दिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह न केवल क्रूरता का कार्य था, बल्कि राष्ट्र के सौहार्द को तोड़ने का एक घिनौना प्रयास भी था।

हमले पर अपनी गहरी व्यक्तिगत पीड़ा व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे पूरा देश— हर नागरिक, हर समुदाय, समाज का हर वर्ग और हर राजनीतिक दल— आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग में एकजुट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों को आतंकवादियों को खत्म करने की पूरी आजादी दी है। श्री मोदी ने सभी आतंकवादी संगठनों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अब देश की महिलाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के प्रयासों के परिणामों को पूरी तरह से समझ गए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर: लाखों भारतीयों की भावनाओं का प्रतिबिंब

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “ऑपरेशन सिंदूर केवल एक नाम नहीं है, बल्कि यह लाखों भारतीयों की भावनाओं का प्रतिबिंब है।” उन्होंने इसे न्याय के प्रति एक अखंड प्रतिज्ञा बताया, जिसे दुनिया ने 6-7 मई को पूरा होते देखा। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों और प्रशिक्षण केंद्रों पर सटीक हमले किए, जिससे एक निर्णायक झटका लगा।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने कभी नहीं सोचा था कि भारत इतना साहसिक कदम उठाएगा, लेकिन जब अपना देश ‘राष्ट्र प्रथम’ के अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के साथ एकजुट होता है, तो दृढ़ निर्णय लिए जाते हैं और प्रभावशाली परिणाम सामने आते हैं। श्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर भारत के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने न केवल उनके बुनियादी ढांचे को बल्कि उनके मनोबल को भी चकनाचूर कर दिया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि बहावलपुर और मुरीदके जैसे स्थान लंबे समय से वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में काम कर रहे थे, जो उन्हें दुनिया भर में बड़े हमलों से जोड़ते हैं, जिसमें अमेरिका के 9/11 हमले, लंदन ट्यूब बम विस्फोट और भारत में दशकों से चली आ रही आतंकवादी घटनाएं शामिल हैं।
100 से अधिक खतरनाक आतंकवादियों का सफाया

श्री मोदी ने कहा कि चूंकि आतंकवादियों ने भारतीय महिलाओं की गरिमा को नष्ट करने का साहस किया था, इसलिए भारत ने आतंक के मुख्यालय को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के परिणामस्वरूप 100 से अधिक खतरनाक आतंकवादियों का सफाया हो गया। इनमें वे प्रमुख व्यक्ति भी शामिल थे, जिन्होंने दशकों से भारत के खिलाफ खुलेआम साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ धमकियां देने वालों को शीघ्र ही निष्प्रभावी कर दिया गया है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत के सटीक और जोरदार हमलों ने पाकिस्तान को गहरी हताशा में डाल दिया है, जिससे वह हताश हो गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में शामिल होने के बजाय एक लापरवाह कार्रवाई की है। उसने भारतीय स्कूलों, कॉलेजों, गुरुद्वारों, मंदिरों और नागरिक घरों पर हमले किए, साथ ही सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।

श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे इस आक्रमण ने पाकिस्तान की कमजोरियों को उजागर किया, क्योंकि उसके ड्रोन और मिसाइल भारत की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों के सामने तिनके की तरह ढह गए, जिसने उन्हें आसमान में ही बेअसर कर दिया। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान ने भारत की सीमाओं पर हमला करने की तैयारी की थी, तब भारत ने पाकिस्तान के भीतर एक निर्णायक झटका दिया। भारतीय ड्रोन और मिसाइलों ने बेहद सटीक हमले किए, जिससे पाकिस्तानी एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसका वह लंबे समय से दावा करता आ रहा था। भारत की प्रतिक्रिया के पहले तीन दिनों के भीतर पाकिस्तान को उसकी उम्मीदों से कहीं अधिक नुकसान उठाना पड़ा। भारत के आक्रामक जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने तनाव कम करने के तरीके तलाशने शुरू कर दिए और बढ़ते तनाव से राहत के लिए वैश्विक समुदाय से अपील की।

भारत ने बड़े पैमाने पर आतंकवादी ढांचे को नष्ट किया

प्रधानमंत्री ने खुलासा किया कि भारी नुकसान झेलने के बाद पाकिस्तान की सेना ने 10 मई की दोपहर को भारत के डीजीएमओ से संपर्क किया। तब तक, भारत ने बड़े पैमाने पर आतंकवादी ढांचे को नष्ट कर दिया था, प्रमुख आतंकवादियों को खत्म कर दिया था और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया था।

भारत ने पाकिस्तान की गतिविधियों का दिया उचित उत्तर

 ऑपरेशन सिंदूर पर 7 मई, 2025 को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत ने अपनी प्रतिक्रिया को केंद्रित, संयत और गैर भड़काऊ बताया था। पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाने का विशेष उल्लेख किया गया था। यह भी दोहराया गया कि भारत में सैन्य ठिकानों पर किसी भी हमले का उचित उत्तर दिया जाएगा।
 पाकिस्तान ने 7-8 मई, 2025 की रात ड्रोन और मिसाइलों द्वारा अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। इन्हें एकीकृत काउंटर यूएएस ग्रिड और वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा बेअसर कर दिया गया। इन हमलों के कई स्थानों से बरामद मलबे पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि करते हैं।
 भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को निशाना बनाया। भारत ने भी पाकिस्तान की तरह ही उसी क्षेत्र में और उसी तीव्रता से जवाब दिया है। लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को निष्प्रभावी करने की जानकारी विश्वसनीय रूप से मिली है।
 पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में मोर्टार और भारी तीव्रता की तोपों का प्रयोग करते हुए नियंत्रण रेखा के निकट अकारण गोलीबारी में तेजी से बढ़ोतरी की है।
 पाकिस्तान द्वारा की गई गोलीबारी के कारण तीन महिलाओं और पांच बच्चों सहित सोलह निर्दोष लोगों की मृत्यु हुई है। भारत ने पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और तोपों की अकारण गोलीबारी का उचित उत्तर दिया है।
 भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तानी सेना द्वारा सम्मान करने की स्थिति में मामले को ओर अधिक ना बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

श्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी अपील में आश्वासन दिया है कि वह भारत के खिलाफ सभी आतंकवादी गतिविधियों और सैन्य आक्रमण को रोक देगा। इस बयान के आलोक में भारत ने स्थिति की समीक्षा की और पाकिस्तान के आतंकवादी और सैन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अपने जवाबी अभियानों को अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला किया। उन्होंने दोहराया कि यह स्थगन कोई निष्कर्ष नहीं है—

भारत आने वाले दिनों में पाकिस्तान के हर कदम का आकलन करना जारी रखेगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि उसके भविष्य के कार्य उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप हों।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की स्थापित नीति

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के सशस्त्र बल— सेना, वायु सेना, नौसेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अर्धसैनिक इकाइयां— हर समय राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई अलर्ट पर रहती हैं। उन्होंने घोषणा की, “ऑपरेशन सिंदूर अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की स्थापित नीति है, जो भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है।” श्री मोदी ने कहा कि इस ऑपरेशन ने आतंकवाद विरोधी उपायों में एक नया पैमाना, एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया है।

प्रधानमंत्री ने भारत के सुरक्षा सिद्धांत के तीन प्रमुख स्तंभों के बारे में बताया; पहला है— निर्णायक जवाबी कार्रवाई, जब भारत पर किसी भी आतंकवादी हमले का मजबूत और दृढ़ जवाब दिया जाएगा। भारत अपनी शर्तों पर जवाबी कार्रवाई करेगा, आतंकी ठिकानों को उनकी जड़ों पर निशाना बनाएगा। दूसरा है— एटॉमिक ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करना; भारत एटॉमिक धमकियों से नहीं डरेगा।
उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुनिया ने एक बार फिर पाकिस्तान की परेशान करने वाली सच्चाई देखी— मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी खुलेआम शामिल हुए, जिससे साबित होता है कि राज्य प्रायोजित आतंकवाद में पाकिस्तान की गहरी संलिप्तता है। प्रधानमंत्री ने फिर से पुष्टि करते हुए कहा कि भारत अपने नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए निर्णायक कदम उठाता रहेगा।

भारत ने युद्ध के मैदान में पाकिस्तान को लगातार हराया है

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत ने युद्ध के मैदान में पाकिस्तान को लगातार हराया है और ऑपरेशन सिंदूर ने देश की सैन्य शक्ति में एक नया आयाम जोड़ा है, श्री मोदी ने रेगिस्तान और पहाड़ी युद्ध दोनों में भारत की उल्लेखनीय क्षमता पर प्रकाश डाला और साथ ही नए युग के युद्ध में श्रेष्ठता स्थापित की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन के दौरान ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उपकरणों की प्रामाणिकता निर्णायक रूप से साबित हुई। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया अब 21वीं सदी के युद्ध में एक दुर्जेय शक्ति के रूप में मेड इन इंडिया रक्षा प्रणालियों के आगमन को देख रही है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई में एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है। श्री मोदी ने कहा कि यह युग युद्ध का नहीं है, लेकिन आतंकवाद का भी नहीं है। उन्होंने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एक बेहतर और सुरक्षित दुनिया की गारंटी है।”
श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की सेना और सरकार ने लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयां अंततः पाकिस्तान के पतन का कारण बनेंगी। श्री मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान को अपना अस्तित्व बचाना है, तो उसे अपने आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा— शांति का कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते

श्री मोदी ने भारत के अटूट संकल्प की पुष्टि करते हुए कहा कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चल सकते, टेरर और ट्रेड साथ-साथ नहीं चल सकते और खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। वैश्विक समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति को दोहराया कि पाकिस्तान के साथ कोई भी बात होगी तो केवल टेरर पर होगी, पाकिस्तान के साथ कोई भी बात होगी तो केवल पीओके पर होगी।

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के बारे में बताया और इस बात पर जोर दिया कि शांति का मार्ग शक्ति द्वारा निर्देशित होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानवता को शांति और समृद्धि की ओर बढ़ना चाहिए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक भारतीय सम्मान के साथ रह सके और विकसित भारत के सपने को साकार कर सके।

श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को शांति बनाए रखने के लिए मजबूत होना चाहिए और जब आवश्यक हो, तो उस ताकत का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं ने अपने सिद्धांतों की रक्षा करने के भारत के संकल्प को प्रदर्शित किया है। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने एक बार फिर भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को सलाम किया और भारत के लोगों के साहस और एकता के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया।

मुख्य बातें

 आज हर आतंकी, आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों-बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है
 ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है
 आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था; इसलिए भारत ने आतंक के मुख्यालय को ही उजाड़ दिया
 पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया
 ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है
 निश्चित तौर पर यह युग युद्ध का नहीं है, लेकिन यह युग आतंकवाद का भी नहीं है
 आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एक बेहतर दुनिया की गारंटी है
 टेरर और टॉक, एक साथ नहीं हो सकते, टेरर और ट्रेड, एक साथ नहीं चल सकते, पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता