प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में भारत की मुखर प्रतिक्रिया

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प्रधानमंत्री मोदीजी ने ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व किया

• प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि पहलगाम हमले का उचित बदला लेने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया जाये।
• हमले के समय पूर्व निर्धारित विदेशी यात्रा पर होने के बावजूद उन्होंने तुरंत कार्यभार संभाला और भारत की उचित प्रतिक्रिया की योजना बनाई।

सावधानीपूर्वक योजना और उचित प्रतिक्रिया

• प्रधानमंत्री मोदीजी ने हमले का तत्काल जवाब देने के लिए भारी दबाव के आगे घुटने नहीं टेके।
• उन्होंने सुनिश्चित किया कि ‘सिंधु जल संधि’ को निलंबित करने से लेकर सैन्य कार्रवाई तक हर कदम सावधानीपूर्वक एवं योजनाबद्ध तरीके से उठाया जाए और उचित समय पर उसे अंजाम दिया जाए।
• पहलगाम हमले के दिन ही, इस बात पर लगभग आम सहमति थी कि भारत हमले का बदला लेगा। इससे यह चिंता पैदा हुई कि पाकिस्तान और आतंकवादी समूह हमले की आशंका को पहले ही भांप लेंगे और प्रभावी ढंग से उसका मुकाबला करेंगे। श्री मोदी ने उचित रणनीति बनायी और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी भारत की प्रतिक्रिया की तारीख का अनुमान न लगा सके।
• केवल आतंकवादी ठिकानों पर हमले का ध्यान केंद्रित करने की व्यापक रूप से सराहना की गई है। यहां तक कि पी. चिदंबरम जैसे आलोचक ने भी प्रधानमंत्री की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने बुद्धिमानी से एक संतुलित सैन्य प्रतिक्रिया के विकल्प को चुना, जो केवल उन नौ लक्ष्यों तक सीमित थी, जिनके बारे में माना जाता है कि वे आतंकवादी समूहों के मुख्य ढांचे हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर अपना ध्यान केंद्रित किया

• पाकिस्तान के साथ इस पूरे संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि उनका उद्देश्य एक ही रहे: पाकिस्तान को मुखर जवाब।
•वैश्विक समुदाय द्वारा दिया गया समर्थन प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘आतंकवाद’ को एक वैश्विक चुनौती के रूप में स्थापित करने के निरंतर प्रयासों के कारण ही संभव हो पाया है।

त्वरित-आक्रमण के बजाय मुखर प्रतिक्रिया

•पाकिस्तान की ओर से बार-बार उकसावे और भारत के नागरिकों पर होने वाले हमलों के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि भारत किसी भी परिस्थिति में पाकिस्तान के आम नागरिकों पर हमला न करे।

• इस संघर्ष की शुरुआत से ही भारत का दृष्टिकोण एक जैसा रहा है। पिछले कुछ दिनों में हमारी सैन्य कार्रवाई या तो आतंकी ठिकानों या आतंकियों को मदद पहुंचाने वाले पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर की गई है।

पुराने ऐतिहासिक मुद्दों का समाधान और भविष्य की तैयारी

• समय-समय पर विभिन्न लोगों ने पक्षपातपूर्ण सिंधु जल संधि पर चिंता जताई थी। इस संधि को स्थगित करना प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम था।
• इससे न केवल पाकिस्तान को नुकसान होगा, बल्कि यह हमारे देश के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
• प्रधानमंत्री ने एक नया सिद्धांत भी दिया है, जिसमें कहा गया है कि भविष्य में होने वाले किसी भी आतंकी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। इसने भविष्य की सभी कार्रवाइयों का स्वरूप निर्धारित कर दिया है और इस धारणा को खत्म कर दिया है कि आतंकवादी और आतंकवाद समर्थकों के बीच कोई अंतर होता है।

भारत हमेशा सही था

• पहलगाम हमले के बाद उत्पन्न स्थिति एक और उदाहरण है जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि उनके द्वारा उठाया गया प्रत्येक कदम नैतिक और कानूनी दोनों तरीकों से उचित है।•
• इतिहास पहलगाम पर भारत की प्रतिक्रिया को संतुलित एवं सिद्धांतबद्ध जवाब के रूप में याद रखेगा।