मातृभूमि की सच्ची सेवा के लिए समर्पित मोदी सरकार के अविस्मरणीय 11 वर्ष

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    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का 11 वर्षीय कार्यकाल एक स्वर्णिम युग के रूप में याद किया जाएगा जिसने विकसित भारत और आत्मनिर्भर राष्ट्र की मजबूत आधारशिला रखी।” प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ विश्व स्तर पर भारत की शक्ति को प्रदर्शित करते हुए परचम फहराया। इन 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश को ‘विश्वसनीयता का प्रतीक’ बना दिया। स्वतंत्रता के बाद 65 वर्षों तक कांग्रेस और अस्थिर सरकारों के चलते आम नागरिक का विश्वास टूट गया था और भारत की वैश्विक छवि धूमिल हुई थी। लेकिन पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में एक भ्रष्टाचार-मुक्त, तुष्टीकरण-मुक्त और एकजुट भारत की स्थापना हुई है। मोदी जी के नेतृत्‍व में भारत ने सामाजिक कल्याण, सुशासन, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। इस अवधि में भारत ने सामाजिक कल्याण, सुशासन, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। मोदी सरकार की पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही इसकी पहचान बन गई है। ‘विकास और विरासत’ के बीच नया संतुलन स्थापित हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अब लाभ इस आधार पर नहीं मिलता कि कोई कौन है, बल्कि निष्पक्षता के आधार पर मिलता है। ‘सबका साथ, सबका

2014 से पहले तक भारत की छवि थी कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन अब यदि कोई हमारे ऊपर युद्ध थोपता है, आतंक फैलाता है या हमारी सुरक्षा को खतरा पहुंचाता है, तो जवाब होगा सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर। ये सब ‘मेड इन इंडिया’ के माध्यम से हुआ है और दुनिया ने भारत की शक्ति देखी है। 1952 से लागू अनुच्छेद 370 को हमारी सरकार ने समाप्त किया और कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की एकता को मजबूत किया। मोदी सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान’ चलाकर महिलाओं को किया सशक्‍त

विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास’ आज सरकार की पहचान बन गया है। 2014 से पहले तक भारत की छवि थी कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन अब यदि कोई हमारे ऊपर युद्ध थोपता है, आतंक फैलाता है या हमारी सुरक्षा को खतरा पहुंचाता है, तो जवाब होगा– सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर। ये सब ‘मेड इन इंडिया’ के माध्यम से हुआ है और दुनिया ने भारत की शक्ति देखी है। 1952 से लागू अनुच्छेद 370 को हमारी सरकार ने समाप्त किया और कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की एकता को मजबूत किया। मोदी सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान’ चलाकर महिलाओं को किया सशक्‍त।

मोदी सरकार ने कृषि और किसान को प्राथमिकता देते हुए 11 वर्षों में विभिन्न सरकारी योजनाओं और बढ़े हुए बजटीय आवंटन के माध्यम से भारत के कृषि क्षेत्र में ‘व्यापक परिवर्तन’ हुआ है, जिससे किसानों को खाद्य सुरक्षा से लेकर वैश्विक खाद्य नेतृत्व तक देश का नेतृत्व करने का अधिकार मिला। इस परिवर्तन ने छोटे किसानों, महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों और संबद्ध क्षेत्रों का समर्थन करके समावेशिता पर ध्यान केंद्रित किया है, जबकि भारत को वैश्विक कृषि नेता के रूप में स्थापित किया है।

पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आया है, जो बीज से बाजार तक के दर्शन पर आधारित है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के लिए बजट अनुमान 2013-14 में 27,663 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1,37,664.35 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग पांच गुना वृद्धि है। भारत का खाद्यान्न उत्पादन 2014-15 में 26.50 करोड़ टन से बढ़कर 2024-25 में अनुमानित 34.74 करोड़ टन हो गया है, जो कृषि उत्पादन में मजबूत वृद्धि दर्शाता है। मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। गेहूं का एमएसपी 2013-14 में 1,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2024-25 में 2,425 रुपये प्रति क्विंटल हो गया, जबकि धान का मूल्य 2013-14 में 1,310 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2025-26 में 2,369 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। फरवरी, 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत सरकार ने 11 करोड़ से अधिक किसानों को 3.7 लाख करोड़ रुपये वितरित किए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने 7.71 करोड़ किसानों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया है। खरीद के आंकड़े विभिन्न फसलों में सुधार दर्शाते हैं। वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच खरीफ फसल की खरीद कुल 78.71 करोड़ टन रही, जबकि 2004-05 से 2013-14 के बीच यह खरीद 46.79 करोड़ टन थी।

एमएसपी पर दलहनों की खरीद 2009-2014 के दौरान 1,52,000 टन से बढ़कर 2020-2025 के दौरान 83 लाख टन हो गई, जबकि एमएसपी पर तिलहन की खरीद पिछले 11 वर्षों में कई गुना बढ़ गई। सरकार का दृष्टिकोण आधुनिक सिंचाई, ऋण पहुंच, डिजिटल बाज़ार और कृषि-प्रौद्योगिकी नवाचारों पर केंद्रित रहा है, जबकि बाजरा की खेती और प्राकृतिक खेती जैसी पारंपरिक प्रक्रियाओं को पुनर्जीवित किया गया है। डेयरी और मत्स्य पालन सहित संबद्ध क्षेत्रों का भी विस्तार हो रहा है। जैसे-जैसे भारत अमृत काल में प्रवेश कर रहा है, इसके सशक्त किसान देश को खाद्य सुरक्षा से लेकर वैश्विक खाद्य नेतृत्व तक ले जाने के लिए तैयार हैं। मातृभूमि और भारत माता की सच्ची सेवा करते हुए मोदी जी ने इन 11 वर्षों में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिसके लिए हम मोदी जी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए उनकी देशवासियों के प्रति सच्ची निष्ठा और समर्पण को समर्पित यह वाक्य सार्थकता प्रदान करता हैं– ‘जननी जन्म भूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’ माता और मातृभूमि का स्थान स्वर्ग से भी ऊपर है।