‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ मंत्र के लिए प्रतिबद्ध भारत

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     आज जब भारत ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए आगे बढ़ चला है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पूरे विश्व में भारत की शांति, विकास एवं परस्पर सहयोग का संदेश दे रहे हैं। भारत आज पूरे विश्व में आशा एवं विश्वास का संचार करते हुए नई आकांक्षाओं के दीप जला रहा है तथा सभी देशों के साथ सुदृढ़ भागीदारी स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाल ही में संपन्न घाना, ट्रिनिडाड एवं टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील तथा नामीबिया के साथ-साथ 17वें ब्रिक्स में भागीदारी के लिए आठ दिवसीय यात्रा ने इन देशों के साथ संबंधों में एक नई ऊर्जा भरी है। यह यात्रा व्यापार, रक्षा, डिजिटल एवं महत्वपूर्ण खनिज, वैश्विक डिजिटल, जनहितकारी यूपीआई के प्रोत्साहन तथा सांस्कृतिक एवं भारतवंशियों के साथ संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे परस्पर विश्वास को और अधिक बल मिला है तथा सभी देश एक दूसरे के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी बन गए हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी आठ दिवसीय यात्रा की शुरुआत 2 जुलाई, 2025 को घाना से किया। इस यात्रा के दौरान फिनटेक, पारंपरिक औषधि सहित द्विपक्षीय व्यापार को तेजी से बढ़ाने की दिशा में काफी बल मिला। घाना संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दक्षिण-दक्षिण सहयोग एवं समावेशी विकास पर जोर दिया। घाना ने प्रधानमंत्री जी को ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया। 4 जुलाई, 2025 को ट्रिनिडाड एवं टॉबैगो में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने युवा सशक्तीकरण के लिए 2000 लैपटॉप का सहयोग तथा भारतवंशियों के लिए ओसीआई पात्रता के विस्तार की घोषणा की। पिछले 26 वर्षों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ट्रिनिडाड एवं टोबैगो की पहली यात्रा थी। भारत-कैरिबियन विरासत के 180 वर्ष पर प्रधानमंत्री ने वहां संसद को संबोधित किया तथा ऊर्जावान भारतवंशियों से जीवंत संवाद किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अर्जेंटीना यात्रा से दोनों देशों में परस्पर विश्वास एवं सद्भावना के नए वातावरण का निर्माण हुआ है। महत्वपूर्ण खनिजों, विशेषकर लिथियम के साथ-साथ ऊर्जा, औषधियों, अंतरिक्ष तथा रक्षा में सहयोग पर चर्चा हुई। अर्जेंटीना सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को ब्यूनस आयर्स शहर की चाबी भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पिछले 57 वर्षों में पहली यात्रा रही। श्री मोदी ने ब्राजील में शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए वैश्विक शासन सुधार, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा एवं जिम्मेदार एआई को रेखांकित किया तथा 22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ तथा इसके विरुद्ध सामूहिक युद्ध लड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। ब्राजील में उन्हें ‘द ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ के सर्वोच्च सम्मान से विभूषित किया।

नामीबिया की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। भारत की यूपीआई को लाइसेंस देने वाला नामीबिया पहला देश बन गया। यह भारत की ‘डिजिटल-डिप्लोमेसी’ की सफलता को दर्शाता है। इस दौरान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, कृषि एवं शिक्षा पर विशेष चर्चा हुई। पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नामीबिया की संसद को संबोधित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विट्सचिया मिराबिलिस’ से विभूषित किया गया। 17वां ब्रिक्स सम्मेलन में भी भारत ने आतंकवाद तथा वैश्विक शासन में सुधार तथा पहलगाम आतंकी हमले की निंदा पर सभी सदस्यों का ध्यान आकर्षित करने में सफलता प्राप्त की।

पिछले 11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में न केवल अद्भुत उपलब्धियां प्राप्त की हैं, बल्कि वह दुनिया के हर देश में अपने संबंधों को और अधिक व्यापक एवं सुदृढ़ बनाने में सफल हुआ है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि भारत आज अधिकतर देशों का महत्वपूर्ण मित्र बन गया है तथा इसके वैश्विक योगदान के महत्व को पूरे विश्व में स्वीकारा एवं सराहा जा रहा है। ‘विश्वमित्र’ के रूप में भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ मंत्र के लिए प्रतिबद्ध है। आज जब संपूर्ण राष्ट्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई एवं दूरदर्शी नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, भारत वैश्विक शांति, परस्पर विश्वास एवं सद्भाव तथा विकास एवं स्थायित्व के लिए मजबूत भागीदारी के लिए संकल्पबद्ध है।

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