सभी के साथ न्याय

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     भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ता आज जब देशभर में पार्टी का 46वां स्थापना दिवस मना रहे हैं, जन-जन का आशीर्वाद इस गौरवमयी यात्रा को और अधिक ऊर्जावान बना रहा है। भाजपा न केवल विश्व का सबसे बड़ा राजनैतिक दल बन गया है बल्कि लोकतंत्र के ध्वज को लेकर आगे बढ़ने वाला ऐसा दल है, जिसमें आंतरिक लोकतंत्र जीवंत एवं जागृत है। जहां यह ‘पंचनिष्ठा’ के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘पंच प्रण’ एवं ‘विकसित भारत’ के विजन से भी अनुप्राणित है। भाजपा जो सुशासन एवं विकास के लिए जानी जाती है, ‘अंत्योदय’ के लिए पूरी निष्ठा के साथ समर्पित होकर समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति के कल्याण के लिए अनवरत कार्य कर रही है। ऐसा इसके

भाजपा जो सुशासन एवं विकास के लिए जानी जाती है, ‘अंत्योदय’ के लिए पूरी निष्ठा के साथ समर्पित होकर समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति के कल्याण के लिए अनवरत कार्य कर रही है

नेतृत्व एवं करोड़ों कार्यकर्ताओं की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता तथा केंद्र एवं विभिन्न राज्यों में भाजपा सरकारों द्वारा किए गए अद्भुत कार्यों से प्रमाणित होता है। फलतः हर क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन के साथ आज भारत विश्व के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में उभरा है। विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी चमत्कारिक यात्रा में भारत ने अनेक अद्भुत उपलब्धियां प्राप्त कर नए रिकॉर्ड बनाए हैं।

देश के सांसदगण जहां वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को संसद के दोनों सदनों में भारी बहुमत से पारित करने के लिए बधाई के पात्र हैं, वहीं यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष ने अपने विभाजनकारी राजनीति के अंतर्गत इस विषय पर देश को दिग्भ्रमित करने के प्रयास किए। यह विधेयक वक्फ बोर्डों के असाधारण एवं मनमानी शक्तियों को कानूनसम्मत बनाकर वक्फ बोर्डों के प्रशासन में आवश्यक सुधारों का मार्ग प्रशस्त करता है। यह विधेयक किसी भी संपत्ति पर दावा करने के वक्फ बोर्डों के मनमानी अधिकार को नियंत्रित करता है तथा इन बोर्डों के नियमन एवं निबंधन को व्यवस्थित करता है। ध्यान देने योग्य है कि पूर्व के वक्फ कानून एकतरफा एवं निरंकुश था, क्योंकि इससे वक्फ बोर्डों को किसी भी संपत्ति के स्वामित्व पर वक्फ संपत्ति के रूप में दावा करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त था। इतना ही नहीं, 2013 एवं 2014 में आम चुनावों से ठीक पहले तत्कालीन कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने लगातार दो बार वक्फ बोर्डों को अनियंत्रित अधिकार देने के कुप्रयास किए। साथ ही, 2014 में उन्होंने वक्फ संपत्ति (अनधिकृत कब्जाधारियों को बेदखली) विधेयक प्रस्तुत किया जिसमें आरोपियों की सुनवाई का कोई प्रावधान नहीं था। इसके साथ दिल्ली के लुटियंस क्षेत्र में 123 अतिविशिष्ट संपत्तियों को भी चुपके से दिल्ली वक्फ बोर्ड को सौंप दिया गया। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 से वक्फ प्रशासन में उत्तरदायित्व एवं दक्षता सुनिश्चित होगी, जिससे वक्फ प्रबंधन में आवश्यक सुधार एवं कार्यकुशलता संभव होगी। इस विधेयक से पारदर्शिता स्थापित होने के कारण समुदाय के वंचित वर्गों को सर्वाधिक लाभ पहुंचेगा तथा निहित स्वार्थी तत्वों पर अंकुश लग पायेगा। इससे मुसलमानों में गरीबों, पिछड़ों एवं महिलाओं के अधिकार सुरक्षित होंगे।

कांग्रेसनीत विपक्ष को देश में व्यापक सुधार लाने वाले हर कदम में रोड़ा अटकाने के लिए याद रखा जाएगा। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर कांग्रेसनीत विपक्ष के विरोध को उनके तुष्टीकरण एवं वोट बैंक की राजनीति के व्यापक संदर्भों में देखा जाना चाहिए। यही कारण है कि इन्होंने ‘तीन तलाक’ पर बनने वाले कानून का भी विरोध किया तथा शाहबानो जैसी करोड़ों मुस्लिम महिलाओं को दशकों तक न्याय से वंचित रखा। आज जब देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी एवं सुदृढ़ नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के स्वप्न को साकार करने के लिए आगे बढ़ रहा है, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र से ‘सभी के साथ न्याय, तुष्टीकरण किसी का नहीं’ का संकल्प निश्चित ही सिद्ध होगा।

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