एनडीए बिहार में पुनः सरकार बनाने के लिए कृतसंकल्पित

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जैसे-जैसे बिहार में चुनाव-प्रचार तेज हो रहा है, पूरा प्रदेश दिवाली एवं छठ के त्योहारों के साथ-साथ लोकतंत्र के इस उत्सव में भी रंग चुका है। इस विधानसभा चुनावों में, जो 6 एवं 11 नवंबर को दो चरणों में संपन्न होगा, लोग अपना मतदान कर प्रदेश में पुनः एनडीए सरकार बनाने का मन बना चुके हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल यूनाईटेड (जदयू), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) एवं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) का एक मजबूत गठबंधन है जो स्पष्ट दृष्टि, उद्देश्य एवं लक्ष्यों के साथ पुनः जनादेश प्राप्त करने चुनावों में उतरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की विशाल सभाओं में उमड़ते जनसैलाब से यह स्पष्ट है कि जनता का प्यार एवं आशीर्वाद झोली भर-भरकर एनडीए को मिल रहा है। एनडीए प्रत्याशियों के प्रति उत्साह एवं समर्थन व प्रचार अभियान में जनता की बड़ी संख्या में भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि एनडीए अन्य दलों से बहुत आगे है।

एनडीए के परिवर्तनकारी विकासपरक कार्यों से ही बिहार को ‘जंगलराज’ के काले दौर से मुक्त कराने में सफलता मिली और प्रदेश सुशासन, विकास एवं अभूतपूर्व प्रगति के मार्ग पर चल पड़ा

ध्यान देने योग्य है कि एनडीए के परिवर्तनकारी विकासपरक कार्यों से ही बिहार को ‘जंगलराज’ के काले दौर से मुक्त कराने में सफलता मिली और प्रदेश सुशासन, विकास एवं अभूतपूर्व प्रगति के मार्ग पर चल पड़ा। जब 2005 में एनडीए को जनता का आशीर्वाद मिला एवं श्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, बिहार ‘जंगलराज’ का पर्याय था जहां कानून-व्यवस्था चरमराई हुई थी, विकास की जगह विनाश हो रहा था तथा प्रशासन पूरी तरह ठप था। प्रदेश अपराध में सबसे ऊपर था, अवसंरचना दिनोंदिन बद से बदतर होती जा रही थी तथा बिहार विकास के सभी मानदंडों पर लगातार लुढ़क रहा था। इन परिस्थितियों में सबसे पहली उपलब्धि कानून-व्यवस्था की पुनर्स्थापना, प्रभावी शासन-व्यवस्था को स्थापित कर विकासपरक नीतियों को आगे बढ़ाना था। इसका परिणाम आज यह है कि जहां जनता सूरज ढलने के बाद अपने घरों में कैद हो जाया करती थी, आज वहीं चुनाव केवल दो चरणों में ही संपन्न किया जा रहा है। जहां बिहार की सड़कों में व्यापक सुधार एवं विस्तार देखा जा रहा है, वहीं ‘डबल-इंजन’ सरकार ने ‘कनेक्टिविटी’ को प्राथमिकता देते हुए नए एयरपोर्ट्स, रेलवे अवसंरचना के साथ कई नई रेल लाइनों की शुरुआत एवं आधुनिकीकरण, वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ, अनेक थर्मल पावर परियोजनाओं से सभी क्षेत्रों को अद्भुत विस्तार एवं गति देते हुए अनगिनत संभावनाओं को जन्म दिया है। अभिनव योजनाओं के साथ शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन करते हुए मेडिकल कॉलेज, आईआईएम, शिक्षा एवं कौशल विकास पर विशेष जोर, स्थानीय निकायों में महिला आरक्षण जैसी पहलों से प्रदेश ने ‘वीमेन लेड डेवलपमेंट’ का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। ‘सात निश्चय’ के साथ बड़ी संख्या में कल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश के कोने-कोने में परिवर्तन एवं प्रगति हो रही है।

जहां आज भी लोग लालू-राबड़ी राज के घपले-घोटाले एवं जंगलराज को नहीं भूले हैं, वहीं विपक्ष का महागठबंधन आज चुनावों में अंदरूनी लड़ाई एवं सीट बंटवारे के विवाद से पूरी तरह बिखर चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी इस दशा को सटीक शब्दों में वर्णन करते हुए इसे ‘अटक दल’, ‘लटक दल’, ‘भटक दल’, ‘झटक दल’ एवं ‘पटक दल’ का ‘लठबंधन’ कहा है। जहां प्रदेश ‘विकसित बिहार’ के सपनों के साथ आगे बढ़ चला है, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन एवं नेतृत्व से जन-जन में नई आकांक्षाओं, विश्वास एवं आशा का संचार हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अद्भुत विकास एवं प्रगति से प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए नई आशा एवं विश्वास पैदा हुआ है। आज जब जन-जन में पुनः एनडीए सरकार को आशीर्वाद देने का संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है, एनडीए बिहार में पुनः सरकार बनाने को कृतसंकल्पित है।

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