एनडीए ने समाज के सभी वर्गों का विश्वास और समर्थन हासिल किया है: प्रधानमंत्री

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एनडीए नेताओं की बैठक, चंडीगढ़

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17 अक्टूबर, 2024 को चंडीगढ़ में आयोजित एनडीए नेताओं की बैठक में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने इस सम्मेलन की सराहना करते हुए इसे 1975 के बाद गैर-कांग्रेसी राजनीतिक दलों का सबसे बड़ा समूह बताया। इस सम्मेलन में 17 मुख्यमंत्रियों और 18 उपमुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि ऐसी बैठकें हर साल दो बार होनी चाहिए। हरियाणा में नवनिर्वाचित भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात् इस बैठक का आयोजन किया गया।
हरियाणा की जीत को महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि एनडीए ने समाज के सभी वर्गों का विश्वास और समर्थन हासिल किया है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे विपक्ष ने एनडीए के किसान विरोधी होने के झूठे आख्यान को पेश करने की कोशिश की, जबकि यह किसान ही थे जो एनडीए को आशीर्वाद देने के लिए बड़ी संख्या में बाहर आए थे। उन्होंने विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को खारिज करने और उन्हें यह स्पष्ट संदेश देने के लिए हरियाणा के लोगों को धन्यवाद दिया कि वह एनडीए के विकास एवं सुशासन के एजेंडे के साथ खड़े हैं।

एनडीए सरकार आम नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है

श्री मोदी ने कहा कि आज एनडीए सरकार आम नागरिकों की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा कर रही है और अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं प्रदान करना एनडीए सरकार की विशिष्टता रही है, जिससे 2014 से जनता में सरकार के प्रति विश्वास कायम करने में मदद मिली है।

इस तथ्य पर प्रकाश डालते हुए कि सुशासन का अर्थ अंततः लोगों की समस्याओं का समाधान ढूंढना है, श्री मोदी ने कहा कि शिकायत निवारण पर ध्यान देने के साथ समाधान-केंद्रित शासन सभी एनडीए राज्य सरकारों की एक विशिष्ट पहचान है।

पिछले 10 वर्षों में 4.5 करोड़ पत्र प्राप्त हुए

प्रधानमंत्री ने यूपीए सरकार से तुलना करते हुए कहा कि उन्हें पिछले 10 वर्षों में 4.5 करोड़ पत्र प्राप्त हुए हैं, जबकि यूपीए सरकार के 10 वर्षों में 5 लाख पत्र प्राप्त हुए थे, जो एनडीए सरकार में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।

श्री मोदी ने कहा कि सुचारू शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और शासन में पारदर्शिता ने एनडीए राज्यों में निवेशकों को आकर्षित करने में मदद की है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई देने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन नागालैंड के मुख्यमंत्री श्री नेफ्यू रियो एवं गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत ने किया।

‘संविधान का अमृत महोत्सव’

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भारत के संविधान निर्माण की 75वीं वर्षगांठ को ‘संविधान का अमृत महोत्सव’ के रूप में मनाने के विषय पर एक प्रस्ताव पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने संविधान की गरिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह भारत के संविधान के प्रावधानों के अनुसार हुआ है।

लोकतंत्र की हत्या का 50वां वर्ष

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2025 को लोकतंत्र की हत्या के 50वें वर्ष के रूप में मनाने का प्रस्ताव पेश किया।

तीन अन्य प्रस्तावों में नेताओं ने वर्ष 2025 में भगवान बिरसा मुंडा एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती और अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी मनाने का भी संकल्प लिया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता श्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विश्व स्तर पर भारत को गौरव दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने राज्यों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर विशेष रूप से जोर दिया।

जन-हितैषी सक्रिय सुशासन या पी2जी2

श्री मोदी ने जन-हितैषी सक्रिय सुशासन या पी2जी2 की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी एनडीए राज्यों, साथ ही इन राज्यों के मंत्रियों एवं विधायकों के बीच अधिक से अधिक संपर्क की आवश्यकता पर बल दिया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनभागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि शासन में लोगों की भागीदारी से सरकार का बोझ कम हुआ है। उन्होंने एनडीए सरकार के देश के युवाओं से सीधे जुड़ने और उन्हें विकसित भारत की यात्रा में शामिल करने की भी सराहना की।

टीबी मुक्त भारत के लिए एकजुट होकर काम करें

प्रधानमंत्री ने नेताओं से टीबी मुक्त भारत की दिशा में एकजुट होकर काम करने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, अपशिष्ट प्रबंधन, बड़े शहरों को राज्यों के विकास का इंजन बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और कल्याण और विकास के 11 सूत्री कार्यक्रम को अपनाने का आग्रह किया।

श्री मोदी ने एनडीए नेताओं को सुझाव दिया कि वे एनडीए शासित राज्यों के शहरों के बीच स्वच्छतम पर्यटन स्थल, स्वच्छतम अस्पताल, स्वच्छतम पंचायत आदि के लिए प्रतिस्पर्धा आयोजित करें।

हम सब मिलकर ‘विकसित भारत’ के
अपने सामूहिक दृष्टिकोण को साकार करने
के लिए समर्पित हैं: जगत प्रकाश नड्डा

एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की बैठक में भाग लेने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक्स पर पोस्ट किया, “चंडीगढ़ में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ‘प्रो पीपल, प्रो एक्टिव और गुड गवर्नेंस’ के सिद्धांतों के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। हम सब मिलकर ‘विकसित भारत’ के अपने सामूहिक दृष्टिकोण को साकार करने के लिए समर्पित हैं, जहां प्रत्येक नागरिक समृद्ध एवं समावेशी राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सके।

प्रमुख बिंदु

• प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चंडीगढ़ में एनडीए नेताओं की बैठक में भाग लिया।
• प्रधानमंत्री ने इस बैठक की सराहना करते हुए इसे 1975 के बाद गैर-कांग्रेसी राजनीतिक दलों का सबसे बड़ा समूह बताया।
• शिकायत निवारण पर ध्यान देने के साथ समाधान-केंद्रित शासन सभी एनडीए राज्य सरकारों की विशिष्ट पहचान है।
•सुचारू शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और शासन में पारदर्शिता ने एनडीए राज्यों में निवेशकों को आकर्षित करने में मदद की है।
•बैठक के दौरान नेताओं द्वारा छह प्रस्ताव पारित किये गये।
•जनभागीदारी पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन में लोगों की भागीदारी से सरकार का बोझ कम हुआ है।
• प्रधानमंत्री ने एनडीए सरकार के देश के युवाओं के साथ सीधे संपर्क और उन्हें विकसित भारत की यात्रा में शामिल करने की भी सराहना की।
•श्री मोदी ने एनडीए नेताओं को सुझाव दिया कि वे एनडीए शासित राज्यों के शहरों के बीच स्वच्छतम पर्यटन स्थल, स्वच्छतम अस्पताल, स्वच्छतम पंचायतों के लिए प्रतिस्पर्धा आयोजित करें।