मिट्टी में मिले आतंकी ठिकाने

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    भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर एवं पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकी ठिकानों को धूल-धूसरित कर आतंकवादियों एवं उनके आकाओं को ऐसा सबक सिखाया है जो वे कभी भूल नहीं पाएंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम ने भारत के गौरवशाली इतिहास में पुनः अपना नाम स्वर्णाक्षरों से अंकित कर लिया है। यह भारतीय सेना के तीनों सशस्त्र बलों- थलसेना, वायुसेना एवं जलसेना का संयुक्त अभियान था जिसने भारत के इस संकल्प को सिद्ध किया कि आतंकियों के ठिकानों में घुसकर उन्हें दंडित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सुदृढ़ एवं संकल्पवान नेतृत्व में आज का भारत आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में न तो रुकता है न ही झुकता है। यह भारत सटीक और कठोर उत्तर देता है। दुश्मनों को उनके ठिकानों पर ध्वस्त करने के लिए अत्यंत साहसी एवं आत्मविश्वास से परिपूर्ण नेतृत्व की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे ही नेतृत्व का परिणाम है कि आज आतंकवादियों को उनके किए की सजा दी गई है तथा उनके पापों का दंड उन्हें मिला है। भारत, आज अपनी क्षमता एवं सामर्थ्य के आत्मविश्वास से भरा है तथा पूर्व की घुटना-टेक नीतियों से स्वयं को मुक्त कर चुका है। आज का भारत बदल चुका है।

ऑपरेशन सिंदूर सीमापार के आतंकी हमलों का आवश्यक एवं सही समय पर दिया गया जवाब है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों द्वारा पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को 26 निर्दोष भारतीयों की धर्म के आधार पर हुई नृशंस हत्या का यह सीधा जवाब है। इस ऑपरेशन ने पहलगाम के आतंकी हमले के पश्चात् पाकिस्तान प्रायोजित जैश-ए-मुहम्मद एवं लश्कर-ए-तोएबा के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर किया। यह उरी सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर-स्ट्राइक के पश्चात् आतंकियों को उनके ठिकानों

ऑपरेशन सिंदूर सीमापार के आतंकी हमलों का आवश्यक एवं सही समय पर दिया गया जवाब है। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों द्वारा पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को 26 निर्दोष भारतीयों की धर्म के आधार पर हुई नृशंस हत्या का यह सीधा जवाब है

पर दंडित करने का भारतीय संकल्प का परिणाम है। यह अभियान आतंकियों को सबक सिखाने, न्याय करने एवं उन्हें दंडित करने के लिए चलाया गया। इस बार आतंकियों पर न केवल बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई, बल्कि पाकिस्तान के काफी अंदर तक जाकर दुश्मनों के कई ठिकानों को पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया गया। इस अभियान से न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा को पूरी तरह से भेद पाने में सफलता मिली, बल्कि भारतीय सेना के संकल्पित एवं निर्णायक प्रहार के सामने इसकी कमजोरियां दुनिया के सामने आ गईं। इस अभियान से भारत का यह संकल्प पुनर्स्थापित हुआ है कि भारत के जमीन पर किसी भी हमले का भरपूर जवाब दिया जाएगा।

भारतीय सेना ने इस बार अत्याधुनिक, गैर-संपर्कीय युद्ध तकनीक तथा सटीक इंटेलिजेंस युक्त प्रहार का प्रदर्शन किया, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत प्राप्त भारत की स्वावलंबी सुरक्षा सामर्थ्य परिलक्षित हुआ है। तीनों सेनाओं के 25 मिनट के अभियान में पाक अधिकृत कश्मीर के प्रमुख आतंकी ठिकाने, जिनमें जैश-ए-मुहम्मद का बहावलपुर एवं लश्कर का मुरीदके कैंप शामिल हैं, निशाने पर रहा। इस दौरान पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों एवं आमजन को निशाना बनाए बिना अब्दुल रऊफ अजहर सहित सौ से अधिक आतंकी मारे गए। पाकिस्तान के आतंकियों के साथ संबंध के प्रमाणों के साथ भारत ने प्रमुख देशों एवं संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को सभी जानकारियां देते हुए पाकिस्तान को राजनयिक स्तर पर अलग-थलग करने में बड़ी सफलता प्राप्त की। पाकिस्तान का आतंकियों को सहयोग-समर्थन देते हुए अपनी जमीन पर सुरक्षित पनाहगार बनाने का एजेंडा आज पूरी तरह बेनकाब हुआ है। इससे पहले, भारत ने 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया तथा सिंधु, चेनाब एवं झेलम पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इससे पाकिस्तान की जल की आवश्यकताएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी तथा वह आतंकवाद के विरुद्ध कदम उठाने पर बाध्य होगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध भारत के संकल्प को स्पष्ट किया तथा साफ शब्दों में आतंकी संगठनों एवं उनके प्रायोजकों को चेतावनी दी है। यह स्पष्ट किया गया है कि भारत आतंकी हमलों का भविष्य में और भी कड़ा जवाब देगा तथा आतंकवाद प्रायोजित करने वाली सरकारों एवं आतंकवाद का संचालन करने वालों के बीच कोई अंतर नहीं रखेगा। परमाणु ब्लैकमेल को न मानने के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद एवं संवाद, आतंकवाद एवं व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते। न ही पानी और खून साथ-साथ बह सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्पित एवं निर्णायक नेतृत्व में भारत ने न केवल अपनी संप्रभुता को मजबूत कानूनी एवं नैतिक धरातल पर दृढ़ता से प्रस्तुत किया है बल्कि अपने सैद्धांतिक एवं सक्षम उत्तर से संयम एवं शक्ति तथा सटीकता एवं लक्ष्य सिद्धि का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। आतंकवाद के विरुद्ध भारत ने अपनी भूराजनैतिक एवं कूटनीतिक प्रत्युत्तर को पुनः मजबूती से प्रदर्शित किया है।

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