‘विकसित भारत’ की नींव है ‘आत्मनिर्भरता’

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    15 अगस्त, 2025 को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भरता को ‘विकसित भारत’ की राष्ट्रीय शक्ति की नींव कहते हुए इसे राष्ट्रीय स्वाभिमान का मानक कहा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दूसरों पर निर्भरता स्वतंत्रता पर प्रश्न खड़े करती है तथा आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय क्षमता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उपकरणों की शक्ति ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में प्रदर्शित होती है। साथ ही, उन्होंने ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ को खारिज करते हुए कहा कि दशकों से चली आ रही परमाणु धमकियों को अब भारत सहन नहीं करेगा। देश ने अब यह भी निर्णय कर लिया है कि खून और पानी अब साथ-साथ नहीं बहेगा- सिंधु जल समझौता 70 वर्षों से हो रहे अन्याय का प्रतीक है। इसके चलते जहां दुश्मनों की जमीन की सिंचाई हो रही है, वहीं भारत के किसान प्यासे हैं। भारत का पानी अब भारत के किसानों के लिए सुरक्षित रहेगा।

ऊर्जा, उद्योग, रक्षा एवं तकनीकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकता है, इसके लिए 1200+ स्थानों पर ‘राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन’ के द्वारा अभियान चलाए जा रहे हैं। आज अंतरिक्ष के क्षेत्र में 300 से अधिक स्टार्ट-अप्स सक्रिय हैं, जिनमें हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। यह भारतीय युवा शक्ति का प्रतीक बनकर उभरी है

एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2035 तक भारत समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली को स्थापित करेगा, जिसके अंतर्गत रणनीतिक एवं असैनिक क्षेत्र, अस्पताल, रेल, आस्था के केंद्र जैसे स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। आत्मनिर्माण के क्षेत्र में अन्य महत्वपूर्ण कदम का उल्लेख करते हुए उन्होंने सेमीकंडक्टर उत्पादन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 50-60 वर्षों तक सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को लटकाकर एवं रोककर इसमें विलंब किया गया, परंतु अब भारत ने इसे मिशन-मोड में लेकर प्राथमिकता दी है। यह एक बड़ी उपलब्धि है कि 6 सेमीकंडक्टर इकाई तैयार हो रही हैं तथा 4 और इकाई को अनुमति दी गई है। इस वर्ष के अंत तक भारतीयों द्वारा बनाई गई ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स बाजार में उपलब्ध हो जाएगी।

ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत ने ‘आत्मनिर्भरता’ के आधार पर बड़ी छलांग लगाई है। ध्यान देने योग्य है कि भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के अपने 50 प्रतिशत लक्ष्य 2025 में ही प्राप्त कर लिया। यह लक्ष्य 2030 तक पूरा करना था। देश ने ‘नेशनल डीप वाटर एक्सप्लोरेशन’ मिशन का भी शुभारंभ किया है, जिससे समुद्र के अंदर से तेल एवं गैस को खोजा जा सकेगा। जहां 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुणा तक बढ़ने की आशा है, वहीं इन नए परमाणु रिएक्टरों के कार्य में तेजी तथा इस क्षेत्र में निजी भागीदारी को अनुमति से परमाणु क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तीव्र गति से प्राप्त किया जा सकेगा। इसी प्रकार से अंतरिक्ष एवं महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। ऊर्जा, उद्योग, रक्षा एवं तकनीकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकता है, इसके लिए 1200+ स्थानों पर ‘राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन’ के द्वारा अभियान चलाए जा रहे हैं। आज अंतरिक्ष के क्षेत्र में 300 से अधिक स्टार्ट-अप्स सक्रिय हैं, जिनमें हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। यह भारतीय युवा शक्ति का प्रतीक बनकर उभरी है।

व्यापक कर सुधार की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जीएसटी में होने वाले सुधार दीपावली का उपहार होगा। इससे आम आदमी को भारी कर-राहत तथा एसएमई क्षेत्र एवं छोटे उद्यमियों को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने युवाओं को दूसरों पर आश्रित रहने के स्थान पर अपने प्लेटफॉर्म्स विकसित करने का आह्वान करते हुए यूपीआई की भारी सफलता का उल्लेख किया। आज भारत की यूपीआई की विश्व के लेने-देन में 50 प्रतिशत की भागीदारी है। उन्होंने ऑपरेटिंग सिस्टम, साइबर सुरक्षा, डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, उर्वरक एवं ईवी बैटरीज को देश में ही विकसित करने का युवाओं से आह्वान किया।

स्वयंसेवकों को उनके समर्पण के लिए अभिनंदन करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा को देश के लिए गौरव एवं निरंतर प्रेरणा देने वाला बताया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष की राष्ट्रसेवा में चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण तथा मां भारती की सेवा में समर्पित रहने के लिए इसकी प्रशंसा की।

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