संसद में ‘विजयोत्सव’

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    संसद में पहलगाम आतंकी हमले के प्रत्युत्तर में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा हुई। पूरा देश पुनः एक बार भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, पराक्रम एवं दृढ़ संकल्प का उत्सव मनाते हुए एकजुट हुआ। यह संसद में सशस्त्र बलों की उन क्षमताओं का ‘विजयोत्सव’ था जिनके अंतर्गत 7 मई, 2022 को पाकिस्तान एवं पाक-अधिकृत कश्मीर में जवाबी कार्रवाई कर लगभग 100 आतंकियों को ढेर कर दिया। वहां स्थित आतंकी अवसंरचनाओं को मिट्टी में मिला दिया गया। हमारी यह कार्रवाई सीमित थी, लेकिन पाकिस्तान ने पुनः हमले का दुस्साहस किया जिसके उत्तर में भारत ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा प्रणाली को ध्वस्त करते हुए इसके अनेक हवाई अड्डों को मटियामेट कर दिया। पाकिस्तान युद्धविराम की गुहार लगाने पर मजबूर हो गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सुदृढ़ निश्चयी नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ को बार-बार स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है। किसी भी आतंकी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा और पाकिस्तान के साथ वार्ता और उसका आतंकवाद को समर्थन एक साथ स्वीकारा नहीं जाएगा। ध्यान देने योग्य है कि भारत की मजबूत आतंक प्रतिरोधी नीति न केवल भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करती है, बल्कि पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लैकमेल के सामने झुकती भी नहीं है। पूरे विश्व में भारत की आतंकवाद के विरुद्ध राजनयिक सफलता तथा टीआरएफ को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करवाने में प्राप्त कामयाबी इस बात का प्रमाण है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की निरंतर सफलता का प्रमाण इंटरनेशनल मॉनिटरिंग फंड के जुलाई, 2025 में प्रकाशित वर्ल्ड इकॉनोमिक आउटलुक अपडेट से मिलता है। इस रिपोर्ट में भारत को विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बताया गया है। इसके अनुसार वर्ष 2025 तथा 2026 में भारत की विकास दर 6.4 प्रतिशत रहेगी। जहां अप्रैल में 2025 के लिए 6.2 प्रतिशत तथा 2026 के लिए 6.3 प्रतिशत का अनुमान लगाया था, जुलाई में इन दोनों वर्षों के अनुमान सुधार कर 6.4 प्रतिशत कर दिया गया है। कैलेंडर वर्ष के अनुसार आईएमएफ ने 2025 के लिए भारत की वास्तविक विकास दर को 6.7 प्रतिशत तथा 2026 के लिए 6.4 प्रतिशत रखा है। भारत की यह विकास दर विश्व की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से कहीं आगे है। चीन के लिए 2025 में 4.8 प्रतिशत तथा 2026 में 4.2 प्रतिशत विकास दर का अनुमान है। वहीं, अमेरिका के लिए 2025 में 1.9 प्रतिशत तथा 2026 में 2.0 प्रतिशत के विकास दर का अनुमान है। यूरोप क्षेत्र के लिए 2025 में 1.6 प्रतिशत तथा 2026 में 1.2 प्रतिशत जबकि जापान के लिए 2025 में 0.7 प्रतिशत तथा 2026 में 0.5 प्रतिशत की भविष्यवाणी की गई है। आईएमएफ ने भारत के विकास का श्रेय लगातार होते आर्थिक सुधारों एवं स्थिर आर्थिक आधारों को दिया है। इसने यह भी रेखांकित किया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के मध्य भारतीय अर्थव्यवस्था लचीलेपन के कारण वैश्विक आर्थिक विकास को गति दे रही है। विकास दर में सकारात्मक सुधार से विश्व की सर्वाधिक तेज विकास दर वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के भारत के दर्जे पर पुनः मुहर लगी है। विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं तथा जी-20 देशों में सबसे तेज विकास दर के साथ भारत पिछले ग्यारह वर्षों में 30 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से निकालने में सफल रहा है।

जहां संसद ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की भारी सफलता को ‘विजयोत्सव’ के रूप में मनाया, वहीं कांग्रेसनीत विपक्ष की पाकिस्तानी प्रोपगैंडा के सुर में सुर मिलाने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति करने के लिए कड़ी भर्त्सना भी हुई है। कांग्रेसनीत यूपीए के दौर के घुटना-टेक नीति के ठीक विपरीत मोदी सरकार के निर्णायक एवं कड़े कदमों की प्रशंसा आज चारों तरफ हो रही है। कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा दिया था, जिसे मोदी सरकार ने रद्द कर दिया। साथ ही, वीजा तथा अटारी-वाघा सीमा से व्यापार पर भी रोक लगा दी। ‘अमन की आशा’ जैसी सीमा पार पहलों को बंद किया गया तथा सिंधु-जल समझौते को स्थगित किया गया है। सीडीएस की नियुक्ति, संयुक्त अभियानों के लिए सशस्त्र बलों का समायोजन, रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ की पहल, रक्षा बजट में तीन-गुणा से भी अधिक की बढ़ोतरी, घरेलू रक्षा उत्पादों में 250 प्रतिशत की बढ़ोतरी तथा 100 से अधिक देशों में रक्षा निर्यात में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि तथा आत्मनिर्भरता के मंत्र से युक्त अत्याधुनिक हथियारों एवं उत्पादों से भारत की रक्षा क्षमता कई गुणा अधिक बढ़ चुकी है। वास्तव में देश के पास अनगिनत उपलब्धियों का अंबार है, जो अद्भुत एवं अभूतपूर्व हैं, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में हुए विशेष चर्चा के दौरान देश के समक्ष आया। यह वास्तव में संसद में ‘विजयोत्सव’ था।

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